अवहेलना और अनियमितताओं के आरोप लग रहे है  

 एवीएस न्यूज.भोपाल
राजधानी के व्यापारियों की शीर्ष संस्था भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई ) जिसमें करीब 70 से अधिक व्यापारिक संगठन जुड़े हुए हैं। तीन साल की बजाय पूरे चार साल बाद चेंबर के चुनाव का आगाज तो हुआ, लेकिन  बीसीसीआई  के वर्तमान चुनाव (फरवरी 2026) प्रक्रिया में विधान की अवहेलना और अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं।  विसंगतियों और आरोपों के चलते चेंबर के मेंबरों ने कहा कि तानाशाही को बर्दाश्त नहीं होगी। 


- अबकी बार चेंबर के चुनाव पूर्व में हुए चुनाव के है विपरीत 
भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स से प्रबुद्ध मेंबरों ने कहा कि अबकी बार चेंबर चुनाव जो हो रहे हैं पूर्व में हुए चुनाव के विपरीत है। विपरीत इसलिए हैं कि पूर्व महामंत्री के इशारे की चकरघन्नी बने चेंबर सचिव/चुनाव अधिकारी ने जहां नामांकन फार्म का प्रारूप बदला है तो वहीं चेंबर का विधान के मुताबिक वोटर लिस्ट जारी होने के 45 दिन के भीतर चुनाव का प्रावधान है,जो कि ऐसा नहीं हुआ। 

 विधान में 31 मार्च तक के मेंबरशिप ही वोटिंग के लिए  हैं अंतर्निहित  
 संगठनों के प्रतिनिधियों और प्रबुद्जनों के अनुसार  चुनाव कार्यक्रम के बाद वोटर लिस्ट 5 जनवरी 2026 को डिजिटली जारी किया। जबकि विधान की नियमावली कंडिका में 6-7 में  स्पष्ट उल्लेख है कि चेंबर के सदस्यों को फिजिकली वोटरलिस्ट उपलब्ध कराना आवश्यक है। तो वहीं जिस वर्ष चुनाव होना सुनिश्चित होता है तो 31 मार्च तक के मेंबरशिप ही वोटिंग के लिए अंतर्निहित  होते हैं, लेकिन भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स के इस चुनाव में तीन महीने पहले अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली के इस्तीफे के बाद मनमानी रवैया हावी हुआ। 

  चुनावी वर्ष में वही वोटर लिस्ट मान्य ,जो 31 मार्च तक कम्पलीट  
चेंबर से जुड़े संगठनों के प्रबुद्धों की मानें तो चुनावी वर्ष में वही वोटर लिस्ट मान्य माना जाता है जो 31 मार्च तक कम्पलीट होता है। वरिष्ठ प्रबुद्धों के अनुसार  31 मार्च के बाद बनने वाले चेंबर के मेंबर को मताधिकार प्राप्त नहीं होता है। इतना ही चुनाव प्रक्रिया के दरमियान चुनाव अधिकारी द्वारा जो वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया जाता है उसमें  स्पष्ट अंकित किया जाता है कि यह वोटरलिस्ट संबंधित तारीख तक की है, जो कि ऐसा नहीं है। मगर अबकी चुनाव में चेंबर के विधान के अवहेलना करते हुए चुनाव का आगाज हुआ है। 

 मेंबर को संविधान की कॉपी देने से इंकार किया सचिव ने  
चेंबर से एक मेंबर ने बताया कि चेंबर सचिव/चुनाव अधिकारी प्रदीप तिवारी से मैने चेंबर के संविधान की कॉपी मांगी तो प्रदीप तिवारी संविधान की कापी देने से इंकार दिया। जबकि विधान में स्पष्ट उल्लेख है कि संविधान की कॉपी प्राप्त करने अधिकार हर उस मेंबर को है जो चेंबर से जुड़ा हुआ है।