बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघ के हमले के बाद ग्रामीणों का आक्रोश, वनकर्मियों से झड़प में कई घायल
बजरंग बहादुर सोनी. मानपुर/ भोपाल
उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे पनपथा क्षेत्र के खेरवा टोला में रविवार तड़के एक दर्दनाक घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, लगभग तीन बजे घर के आंगन में सो रही एक महिला पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद आसपास के लोग जाग गए और शोर मचाने पर बाघ ने कथित तौर पर दो अन्य ग्रामीणों पर भी हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घायलों को तत्काल मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।

झड़प में कई वनकर्मी घायल हो गए
घटना की सूचना पर पनपथा रेंज के वनकर्मी और अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसी दौरान ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि भीड़ ने वन विभाग के कुछ कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की, साथ ही कुछ वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। इस झड़प में कई वनकर्मी घायल हो गए।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। प्रशासन की मौजूदगी में बाघ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर नियंत्रण में लेने की कार्रवाई शुरू की गई। वन विभाग के अनुसार, बाघ को ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में रखा गया, ताकि आगे की प्रक्रिया की जा सके।
नाराज पब्लिक ने वन कर्मियों की जम कर धुनाई की
उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा मुख्यालय स्थित विश्व विख्यात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क से बुरी खबर सुनने को मिली। जहां बाघ द्वारा महिला का शिकार करने के बाद नाराज पब्लिक ने वन कर्मियों की जम कर धुनाई कर दिए और वाहनों में तोड़ फोड़ कर अपनी नाराजगी जाहिर किए मिली जानकारी अनुसार बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क से लगे ग्राम पनपथा के खेरवा टोला में रविवार की सुबह भोर में करीब तीन बजे के आस पास घर के आंगन में सो रही महिला के पास अचानक बाघ ने दस्तक दिया जहां वह महिला को अपना शिकार समझ कर उसे मार दिया वहीं घटना की सुगबुगाहट सुन आस पास सो रहे अन्य दो लोगों ने हल्ला गोहर मचाना शुरू किया तो

बाघ की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई
इसी दौरान यह भी सामने आया कि ट्रेंकुलाइज करने के बाद बाघ की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। वन विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है कि ट्रेंकुलाइजिंग प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी हुई या नहीं। प्रशासन ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
बेहोशी के बाद होश में नहीं आया बाघ हो गई मौत
सूत्रों की माने तो बाहर पड रही बेतहाशा गर्मी और चारों तरफ से घर को घेरे खड़ी पब्लिक के कारण घर के अंदर आराम फरमा रहे बाघ को घर की छानी तोड़ कर देखा गया। जिसे बाहर निकालने के लिए ट्रेंकुलाइज (बेहोश) किया गया, जिसके बाद बाघ को दोबारा होश नहीं आया और चलता फिरता हृष्ट पुष्ट बाघ को प्रबंधन के जिम्मेदारों ने मौत के घाट उतार दिया ।
बाघ को बेहोश करने के लिए ओभर डोज दबाई दिया गया
सूत्रों की माने तो अनभिज्ञ प्रबंधन के जिम्मेदारों द्वार बाघ को बेहोश करने के लिए ओभर डोज दबाई दिया गया। जिस कारण बाघ बेहोश होने के बाद बाघ को दोबारा होश में नहीं आया और बाघ की मौत हो गई। शासन प्रशासन से जनापेक्षा है कि संबंधित मामले को किसी सक्षम अधिकारियों का ग्रुप बना कर निष्पक्ष जांच करा कर बाघ के मौत के मामले का खुलासा किया जाए।
अनभिज्ञ जिम्मेदारों पर कानूनी शिकंजा कसा जाए
बाघ मारने जैसे घटना को अंजाम देने वाले अनभिज्ञ जिम्मेदारों पर कानूनी शिकंजा कसा जाए। अगर विभाग के जिम्मेदार इसी तरह बेहोशी का ओभर डोज इंजेक्शन देकर बाघों को मारने लगे तो वह दिन दूर नहीं जब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघ विहीन हो जाएगा। साथ ही वन विभाग को पब्लिक के साथ सामंजस्य बना कर रखना चाहिए, कहीं न कहीं पब्लिक को भी आज मौका मिला और पिहरी कांड का बदला लेकर जनता ने भी बताया कि जंगल के असल रक्षक यहां की पब्लिक है।
जंगल की सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर मोटी कमाई
अधिकारी कर्मचारी तो कुछ साल महीने के लिए आते हैं और जंगल की सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर मोटी कमाई कर अन्यत्र निकल लेते हैं हाल ही में जंगल के अंदर किसी भी निर्माण कार्य को देखा जा सकता है।






