एवीएस न्यूज.भोपाल


  समन्वित नीतिगत ढांचे के तहत पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) के विस्तार में तेजी लाने का काम शुरू है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार मार्च 2026 के बाद से अब तक लगभग 4.40 लाख पीएनजी कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं, जबकि 4.88 लाख अतिरिक्त उपभोक्ताओं ने नए पीएनजी कनेक्शन के लिए रजिस्टर किया है। इन आंकड़ों से साफ है कि नीतिगत विस्तार के चलते पीएनजी के अडॉप्शन में ज़बरदस्त तेजी आई है। 


सरकार की पीएनजी विस्तार रणनीति के तहत ये प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें ’प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026’ की अधिसूचना भी शामिल है, जो तय समय-सीमा के भीतर ’शहरी गैस वितरण’ इन्फ्रास्ट्रक्चर के  विकास और अधिकृत भौगोलिक क्षेत्रों में इसके कार्यान्वयन को संभव बनाती है। घरों तक पीएनजी की पहुँच को और अधिक तेज़ी से बढ़ाने के लिए, सरकार ने ’राष्ट्रीय पीएनजी अभियान 2.0’ को 30 जून 2026 तक आगे बढ़ा दिया है।

इस अभियान के द्वारा जल्द से जल्द कनेक्शन देने, मांग बढ़ाने, और केंद्रीय एजेंसियों, सीजीडी संस्थाओं एवं राज्य प्रशासनों के बीच आपसी तालमेल के साथ कार्यान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 
पीएनजी विस्तार के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दी जाने वाली बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसमें जल्द अनुमोदन देना, स्थानीय स्तर पर तालमेल बनाना और लास्ट-माईल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी बुनियादी ढांचा बनाना शामिल है। साथ ही, राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी गई है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसी आवश्यक कोमोडिटीज़ की आपूर्ति पर निगरानी रखें, ताकि बदलाव के इस दौर में एनर्जी की पहुंच के लिए संतुलित ढांचा सुनिश्चित किया जा सके।  

 

 एलपीजी की उपलब्धता में उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाया
भारत सरकार, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के माध्यम से उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुरक्षा, पारदर्शिता और सिस्टम पर ध्यान केंद्रिंत करते हुए स्वच्छ ईंधन के सिस्टम को मजबूत बना रही है। एक राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत ने जमाखोरी जैसे गलत तरीकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है, साथ ही देश भर में बिना रूकावट एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा टेक्नोलॉजी के उपयोग एवं वितरण नेटवर्क पर कड़ी निगरानी रखते हुए जवाबदेहिता और सर्विस डिलीवरी में सुधार लाया जा रहा है, जिससे सिस्टम में उपभोक्ताओं का भरोसा और बढ़ रहा है। स्वच्छ ईंधन को सुलभ बनाने के लिए व्यापक नीतियों के तहत पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर के तीव्र विस्तार से इन प्रयासों को और गति मिली है। उपलब्धता के स्थिर होने के साथ पारदर्शिता बढ़ रही है, उपभोक्ताओं की सोच में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। अब उपलब्धता को लेकर चिंता के बजाए और सेवा की विश्वसनीयता पर उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ रहा है।  


 सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित की 
भारत सरकार ने एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए अपने सिस्टम को काफी मजबूत बनाया है। साथ ही सरकार ने देश भर में वास्तविक उपभोक्ताओं तक बिना किसी रूकावट के स्वच्छ ईंधन पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। एक राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत अब तक 2,700 से ज्यादा इंस्पेक्शन कर छापे मारे गए। इस तरह की कार्रवाइयों का उद्देश्य अनियमितताओं का पता लगाना, घरेलू एलपीजी के गलत इस्तेमाल को रोकना और वितरण नेटवर्क में पारदर्शिता बढ़ाना है। इन कड़े निरीक्षणों के बाद 219 डिस्ट्रीब्यूटरों पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि तय नियमों का उल्लंघन करने वाले 56 डिस्ट्रीब्यूटरों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।  पिछले आठ दिनों में लगभग 3,300 जागरूकता शिविर आयोजित किए गए हैं, जिनमें विशेष रूप से 5 किलोग्राम वाले ’फ्री ट्रेड एलपीजी’ (एफटीएल) सिलेंडरों की उपलब्धता और उन्हें अपनाने पर जोर दिया गया है।  इन अभियानों के दौरान ऐसे 35,800 से ज्यादा सिलेंडर बेचे गए।  पूरे देश में 52.3 लाख से ज्यादा घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की गई।