• महिलाओं में ज्यादातर फैलोपियन ट्यूब से जुड़ी समस्या दिखाई दे रही हैं

• 25% से 30% मामलों में बांझपन का कारण पता नहीं चलता

भोपाल।  ग्रामीण क्षेत्र में रहनेवाले 30 प्रतिशत पुरूषों में बांझपन की समस्या दिखाई दे रही हैं। वहीं महिलाओं में फैलोपियन ट्यूब से जुडी समस्या बढ रही हैं। यह समस्या ज्यादातर जननांग टीबी के कारण होता हैं। यह महिलाओं में बांझपन का प्रमुख कारण हैं। जो अक्सर 8 से 10  साल तक बिना लक्षणों के बना रहता हैं।

भोपाल स्थित नोवा आईवीएफ फर्टिलिटी के फर्टिलिटी स्पेशलिस्टस डॉ. पायल रघुवंशी के अनुसार करीब 25  से 30 फीसदी  मामलों में “अनएक्सप्लेंड इंफर्टिलिटी” के मामले देखे जा रहे हैं, ऐसी स्थिती में पति-पत्नी दोनों के अंडाणु और शुक्राणु सामान्य दिखते हैं, फिर भी गर्भधारण नहीं हो पाता। डॉक्टरों ने बताया कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में बांझपन के कारण अलग-अलग हैं। ग्रामीण इलाकों में ‘ज़ीरो स्पर्म’ की समस्या ज़्यादा दिख रही है, जो तंबाकू या गुटखा सेवन जैसी आदतों से जुड़ी हो सकती है। वहीं, शहरों में तनाव, बैठे-बैठे रहने की जीवनशैली और लैपटॉप या मोबाइल जैसी इलेक्ट्रॉनिक चीजों की गर्मी से बांझपन बढ़ रहा है।

“करीब 30% पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता और मात्रा दोनों कम हैं : डॉ. पायल रघुवंशी

भोपाल स्थितल नोवा आईवीएफ फर्टिलिटी के फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट डॉ. पायल रघुवंशी ने कहा की, “करीब 30% पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता और मात्रा दोनों कम हैं। महिलाओं में फैलोपियन ट्यूब की समस्या टीबी के कारण होती है, जिसका पता कई सालों तक नहीं चलता। कई महिलाएं 8-10 साल तक गर्भधारण न होने पर जांच कराती हैं, तब जाकर टीबी असली कारण निकलता है। यह बीमारी बिना लक्षण के प्रजनन अंगों को नुकसान पहुंचाती है। इसलिए अगर किसी दंपति को लंबे समय से गर्भ नहीं ठहर रहा है, तो उन्हें फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

बांझपन का मुख्य कारण जीवनशैली और पर्यावरण है

 डॉ. पायल ने आगे कहॉं की, “ज्यादातर दंपति 30 से 40 साल की उम्र के बीच हमारे पास आते हैं। यहां न बहुत जल्दी शादी होती है न बहुत देर से, जिससे पता चलता है कि बांझपन का मुख्य कारण जीवनशैली और पर्यावरण है। दंपतियों को परिवार शुरू करने में देर नहीं करनी चाहिए और दोनों को मिलकर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। अभी भी कई लोग फर्टिलिटी डॉक्टर के पास जाने से झिझकते हैं क्योंकि समाज में कई गलत धारणाएं हैं।

पुरुषों के लिए सीमेन टेस्ट और महिलाओं के लिए पेल्विक स्कैन जरूरी

नोवा आईवीएफ फर्टिलिटी में हम दंपतियों को उनके अपने अंडाणु और शुक्राणु से, पारदर्शी और नैतिक तरीके से, उनका जैविक बच्चा होने में मदद करते हैं।” नोवा आईवीएफ फर्टिलिटी, भोपाल इस बात पर जोर देता है कि दोनों पति-पत्नी की जांच साथ में होनी चाहिए। पुरुषों के लिए सीमेन टेस्ट और महिलाओं के लिए पेल्विक स्कैन जरूरी है। नोवा आईवीएफ फर्टिलिटी, भोपाल एक आधुनिक फर्टिलिटी सेंटर है जहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक और सुविधाएँ उपलब्ध हैं।