शासन-प्रशासन के आदेश के बाद भी होटल-रेस्त्रा संचालकों को नहीं मिल रहा गैस सिलेंडर
एवीएस न्यूज.भोपाल
केंद्र सरकार के दिशा निर्देश और आदेश के बावजूद राजधानी भोपाल के होस्टल और रेस्टोरेंट संचालकों को सिलेंडर नहीं मिल रहा है। गैस की किल्लत से होटल-रेस्टोरेंट संचालक परेशान है। भोपाल होटल-रेस्टोरेंट व्यवसायी एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली जो रंजीत होटल के खुद संचालक हैं का कहना है कि पहला आदेश 23 मार्च को जारी हुआ इसके बाद दूसरा आदेश 27 मार्च 2026 को केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया कि होटल संचालकों को 10 फीसदी और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति मिलेगी। बावजूद इसके होटल-रेस्टोरेंट व्यवसायी को कमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई नहीं मिल रही है।

उन्होंने कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर प्रशासन द्वारा कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति देने का आदेश कंपनियों को दिया गया, लेकिन कंपनियों और गैस एजेंसियों द्वारा होटल-रेस्टोरेंट को अभी भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। राजधानी भोपाल में 2 हजार से अधिक और समूचे मध्यप्रदेश में 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई छोटे व्यवसायियों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ी हैं।
कारोबार चौपट होने की कगार पर पहुंच चुका है, जिससे व्यापारियों में नाराजगी बढ़ रही है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने रेस्तरां, ढाबों और कैंटीनों के लिए 20 प्रतिशत गैस कोटा आवंटित करने के निर्देश दिए थे। लेकिन राजधानी भोपाल में सरकारी आदेश जारी हुआ और होटल -रेस्टोरेंट वालों को 9 फीसदी सिलेंडर की बात कही गई, इसके बावजूद व्यवसायी को सिलेंडर नहीं मिला। जानकारों का कहना है कि उद्योगों की परेशानी दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को वाणिज्यक एलपीजी का आवंटन 20 प्रतिशत तक बढ़ाकर युद्ध से पहले की मांग का 70 प्रतिशत कर दिया है। जिसमें इस्पात, ऑटोमोबाइल, कपड़ा, रंगाई, केमिकल और प्लास्टिक जैसे उद्योगों की परेशानी को कम करने और इन उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके, लेकिन देखना यह होगा कि व्यवधान जारी है।
होटल एसोसिएशन ने जताई चिंता
एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि पिछले 6–7 दिनों से प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट को एक भी कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई है। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने कहा कि बाजार में यह अफवाह चल रही थी कि होटल मालिकों को कमर्शियल सिलेंडर मिल रहे हैं, लेकिन मुझे अब तक एक सिलेंडर भी नहीं मिला। भोपाल स्थित गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि प्राप्त हो रही गाड़ियों में केवल घरेलू गैस सिलेंडर मिल रहे हैं कमर्शियल सिलेंडर नहीं।
छोटे व मंझोले कारोबारियों की परेशान
कारोबारियों और संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्रों में परिचालन की लागत बढ़ गई है। निर्माताओं और व्यापारियों के लिए माल ढुलाई की लागत बढ़ रही है। प्लास्टिक, पैकेजिंग, केमिकल और कपड़े में उपयोग होने वाले पेट्रोकेमिकल जैसे कच्चे माल 20 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह से प्रभावित है। इसकी वजह से खाड़ी देशों के सभी ऑर्डर कैंसल हो चुके हैं, शिपिंग लागत 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी है।
मध्यप्रदेश फेडरेशन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहाकि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष का असर स्टील, सिरेमिक, ग्लास और प्लास्टिक उद्योग सहित उन सभी उद्योगों पर पड़ा है, जहां एलपीजी गैस का इस्तेमाल होता है। एलपीजी की आपूर्ति बाधित होने की वजह से इन सभी कारोबार की लागत बढ़ गई है। मौजूदा समय में गैस सप्लाई की कम उपल्ब्धता और विदेशी बाजार के लिए बढ़ी हुई लॉजिस्टिक लागत का सीधा असर उत्पादन पर पड़ रहा है।

नमकीन और मिठाइयों की कीमतें भी युद्ध से प्रभावित होंगीं?
कारोबारी प्रेमनारायण यादव ने कहाकि आम आदमी के घर के बजट में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो गई है। कई क्षेत्रों पर इसका असर देखने को मिल रहा है। जिसमें खाद्य उद्योग जो कि पूरी तरह से एलपीजी गैस पर निर्भर करता है। इसकी आपूर्ति कम होने की वजह से नमकीन, मीठाई और मठरी बनाने की लागत 10 प्रतिशत तक बढ़ी है, साथ ही प्लास्टिक पैकेजिंग की लागत 25 प्रतिशत बढ़ने की वजह से 100 रुपए की नमकीन या मिठाई अब 150 रुपए तक बढ़ गई है।

