शक्कर में महंगाई की कड़वाहट: एथेनॉल बनाने की सरकारी नीतियों और मानसून की अनिश्चितता से बढ़ीं कीमतें
15 दिनों में 7 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी, आगामी त्योहारों में 50 रुपए के पार जा सकते हैं दाम
एवीएस न्यूज.भोपाल
गन्ने से एथेनॉल बनाने की सरकारी नीतियों और मानसून की अनिश्चितता के कारण घरेलू बाजार में शक्कर की मिठास में कड़वाहट घुट गई है। वैश्विक आपूर्ति के दबाव के कारण आम उपभोक्ताओं पर महंगाई की मार पड़ रही है।
राजधानी के स्थानीय थोक बाजार हनुमानगंज,जुमेराती बाजार में शक्कर के भाव पिछले 15 दिनों में 7 रुपए उछले हैं और गुरूवार का शक्कर के थोक भाव क्वालिटीनुसार 4650 रुपए से 4700 रुपए क्विंटल बोली गई है। जबकि फुटकर में शक्कर के दाम 48 से 50 रुपए किलो के भाव है।
ब्रोकर रमाकांत तिवारी के अनुसार शक्कर की बढ़ती कीमतों का सीधा असर मिठाई, बेकरी, कोल्ड ड्रिंक और अन्य खाद्य उत्पादों की लागत पर पड़ सकता है। त्योहारी सीजन से पहले यदि आपूर्ति की स्थिति नहीं सुधरी, तो उपभोक्ताओं को और अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। हालांकि सरकार का कहना है कि घरेलू आपूर्ति बनाए रखने और बाजार में संतुलन कायम रखने के लिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
शक्कर व्यापारी देवानंद सचदेवा ने कहा कि इस बार सामान्य से कम बारिश की आशंका के कारण गन्ने की पैदावार प्रभावित हो सकती है, जिससे चीनी उत्पादन पर दबाव बनने की संभावना है। इसके साथ ही सरकार की एथेनॉल मिश्रण नीति के तहत गन्ने का एक बड़ा हिस्सा एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल हो रहा है, जिससे चीनी की उपलब्धता पर भी असर पड़ रहा है।
आम उपभोक्ताओं की रसोई का जरूरी हिस्सा शक्कर लगातार महंगी होती जा रही है। बीते 15 दिनों में शक्कर के थोक और खुदरा भाव में करीब 7 रुपए प्रति किलो का उछाल दर्ज किया गया है। व्यापारियों और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार ने स्टॉक सीमा लागू नहीं की, तो आगामी रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और गणेशोत्सव जैसे त्योहारों के दौरान शक्कर के दाम 50 रुपए प्रति किलो से ऊपर पहुंच सकते हैं।
मिठाई कारोबारी मोहन शर्मा ने कहा कि शक्कर महंगी होने से मिठाइयों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर त्योहारी सीजन में ग्राहकों की जेब पर भी पड़ सकता है। जानकारों का कहना है कि यदि सरकार समय रहते स्टॉक सीमा लागू कर जमाखोरी पर नियंत्रण नहीं करती, तो कीमतों में और तेजी आ सकती है।
उनका मानना है कि बढ़ती मांग और सीमित उपलब्धता के चलते आने वाले दिनों में शक्कर के दाम नए स्तर पर पहुंच सकते हैं। शक्कर कारोबारी के अनुसार पिछले कुछ हफ्तों में थोक बाजार में चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उनका मानना है कि मानसून को लेकर बनी अनिश्चितता, गन्ने की संभावित कम पैदावार और एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने की बढ़ती मांग के कारण बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
व्यापारियों के अनुसार, यदि आने वाले दिनों में मानसून सामान्य रहता है और उत्पादन के बेहतर संकेत मिलते हैं, तो कीमतों में कुछ राहत देखने को मिल सकती है, लेकिन यदि मौसम प्रतिकूल रहा, तो थोक के साथ-साथ खुदरा बाजार में भी चीनी के दाम और बढ़ सकते हैं।
कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल बाजार में चीनी की उपलब्धता सामान्य है, लेकिन बढ़ती लागत और भविष्य की आशंकाओं के चलते व्यापारी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। उनका मानना है कि त्योहारी सीजन नजदीक आने के साथ मांग बढ़ेगी, जिससे कीमतों पर और असर पड़ सकता है।






