नई दिल्ली। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अवसर परटाटा मोटर्सने अपने प्रमुख सामुदायिक स्वास्थ्य पहलआरोग्य कार्यक्रमकी उपलब्धियों को साझा किया, जिसने देशभर में स्वास्थ्य और पोषण सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह कार्यक्रम तीन प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है  बच्चों में कुपोषण को दूर करना, महिलाओं और किशोरियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना, और निवारक एवं उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना।

वित्त वर्ष 2024-25 में, आरोग्य कार्यक्रम ने लगभग 6.66 लाख लोगों तक अपनी पहुंच बनाई, जिसमें कुपोषित बच्चों में 87% रिकवरी और महिलाओं में एनीमिया के मामलों में 80% की कमी हासिल की गई। ये नतीजे टाटा मोटर्स के स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रमों की ताकत और समुदायों पर इसके दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव को दर्शाते हैं।
जमशेदपुर, पुणे, पंतनगर, धारवाड़, लखनऊ, सानंद और मुंबई सहित ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी झुग्‍गी बस्तियों जैसे स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर आवश्यकता वाले इलाकों में काम करते हुए, आरोग्य कार्यक्रम ने पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता और निवारक व उपचारात्मक सेवाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाकर उल्लेखनीय बदलाव लाए हैं।
जमशेदपुर में, आरोग्य ने पूर्वी सिंहभूम जिले और इसके दूरदराज के क्षेत्रों में लगभग 3 लाख लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। शहरी वंचित समुदायों की विशेष चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, टाटा मोटर्स ने मुंबई के उपनगरीय क्षेत्र ट्रॉम्बे की झुग्‍गी बस्तियों मेंप्रोजेक्ट आरोग्यसंपन्नके माध्यम से अपने प्रयासों को आगे बढ़ाया, जिससे बच्चों में गंभीर कुपोषण के मामलों में 90% तक की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। इस गति को बनाए रखते हुए, वित्त वर्ष 2025 में टाटा मोटर्स ने सानंद मेंप्रोजेक्ट अड्रेसिंग मालन्यूट्रीशनशुरू किया, जिसके तहत 506 गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को विशेष देखभाल प्रदान की गई और 88% रिकवरी दर हासिल की गई।