खामियां दूर कर लें कोचिंग संचालक, वरना बंद कर देंगे सेंटर, शपथ पत्र दें कि कमियां कब तक दूर करेंगे! 15 दिन की मोहलत, उसके बाद कोई कंप्रोमाइज नहीं
उपायुक्त और अपर आयुक्त बोले- रेसीडेंशियल बिल्डिंग में कोचिंग ठीक नहीं, बिल्डिंग चेंज करें, खामी नहीं चलेगी, 20 नियमों का पालन जरूरी
नगर निगम मुख्यालय में अपर आयुक्त और उपायुक्त की मौजूदगी में कोचिंग संचालकों एवं हाईराइज भवन स्वामियों की बैठक


एवीएस न्यूज, भोपाल।
देश में हाल के कोचिंग हादसों के बाद भोपाल नगर निगम अब फायर सेफ्टी को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि कोचिंग संस्थानों और हाईराइज भवनों में सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता मंजूर होगा। जिन संस्थानों में खामियां हैं, उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं हुआ तो संबंधित कोचिंग सेंटर को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को नगर निगम मुख्यालय में अपर आयुक्त तन्मय वशिष्ठ और उपायुक्त भुवन गुप्ता की मौजूदगी में कोचिंग संचालकों एवं हाईराइज भवन स्वामियों की बैठक हुई। अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपर आयुक्त तन्मय वशिष्ठ ने कहा कि कई कोचिंग संस्थानों में फायर एग्जिट, ऑटोमैटिक डिटेक्शन सिस्टम और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं नहीं हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी आपातकालीन घटना के दौरान विद्यार्थियों की जान जोखिम में पड़ सकती है। उन्होंने संचालकों से कहा कि जो भी कमियां हैं, उन्हें निर्धारित समय में दूर करें, अन्यथा निगम को सख्त कार्रवाई करनी पड़ेगी।


एमपी नगर की पुरानी इमारतें चिंता का विषय
उपायुक्त भुवन गुप्ता ने कहा कि एमपी नगर शहर का सबसे बड़ा कोचिंग हब है, जहां बड़ी संख्या में पुराने और रिहायशी भवनों में कोचिंग संचालित हो रही हैं। इनमें से कई भवन मूल रूप से शैक्षणिक गतिविधियों के लिए निर्मित नहीं हैं। ऐसे सभी संस्थानों को फायर सेफ्टी प्लान तैयार कर नगर निगम में जमा करना होगा, जिसके बाद इंजीनियरों की टीम मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी।
अपर आयुक्त ने यह भी साफ किया कि यदि कोई भवन सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है तो वहां कोचिंग संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर संचालकों को अपना संस्थान दूसरी सुरक्षित इमारत में स्थानांतरित करना होगा।

शपथ पत्र देना होगा, समय सीमा भी बतानी होगी
नगर निगम ने सभी नोटिस प्राप्त संस्थानों को 200 रुपए के न्यायिक स्टांप पर शपथ पत्र देने के निर्देश दिए हैं। इसमें संचालकों को यह लिखकर देना होगा कि उनके यहां कौन-कौन सी कमियां हैं और उन्हें किस समय सीमा में दूर किया जाएगा। अग्निशमन उपकरणों की स्थापना के लिए 30 दिन से अधिक का समय नहीं दिया जाएगा।

20 से अधिक सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी
बैठक में अधिकारियों ने भवनों में फिक्स फायर फाइटिंग सिस्टम, कम से कम 10 हजार लीटर पानी की व्यवस्था, दो इमरजेंसी एग्जिट, ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम, बेसमेंट में स्प्रिंकलर, इमरजेंसी साइन, प्राकृतिक वेंटिलेशन, फायर पंप, वार्षिक फायर ऑडिट और इलेक्टि्रक सेफ्टी सर्टिफिकेट सहित करीब 20 अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

यह भी होगा जरूरी
इसके अलावा प्रत्येक तीन माह में मॉक ड्रिल आयोजित करना, कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों को फायर फाइटिंग उपकरण चलाने का प्रशिक्षण देना तथा 300 से अधिक क्षमता वाले संस्थानों में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करना जरूरी होगा।

आठ संस्थान हो चुके हैं सील
नगर निगम अब तक आठ कोचिंग संस्थानों को सील कर चुका है। अधिकारियों का कहना है कि आगामी दिनों में निरीक्षण अभियान और तेज होगा तथा जिन संस्थानों में निर्धारित समय सीमा के बाद भी खामियां मिलेंगी, उनके खिलाफ बिना किसी समझौते के कार्रवाई की जाएगी।