मप्र के 25 हजार और देशभर के 8 लाख कृषि आदान विक्रेताओं ने एक दिवसीय हड़ताल
भोपाल जिले के 700 व्यापारी ने दुकानें रखी बंद, व्यापारियों ने मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
एवीएस न्यूज.भोपाल
मध्यप्रदेश के 25 हजार और देशभर के 8 लाख खाद, बीज और पेस्टिसाइड व्यापारियों ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। इसी क्रम में भोपाल जिले के करीब 700 व्यापारियों ने सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम कलेक्ट्रेट और कृषि विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

कृषि आदान विक्रेता संघ के प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह राजपूत ने बताया कि राष्ट्रीय संगठन के आह्वान पर सोमवार को हर जिले में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में किसानों को रासायनिक खाद की वितरण प्रणाली में सुधार करने, खाद के साथ अनुपयोगी उत्पादों की जबरन लिंकिंग को अपराध घोषित करने और खाद-बीज-दवाई का सीलबंद नमूना फेल होने पर निर्माता कंपनी को दोषी मानने की मांग की गई। इसके अलावा हर साल लाइसेंस धारक व्यापारियों को कंपनी के प्रिंसिपल सर्टिफिकेट से जोड़ने की अनिवार्यता समाप्त करने, कृषि विभाग की ई-टोकन प्रणाली बंद करने, और खाद कंपनियों द्वारा खाद की आपूर्ति रैक पॉइंट की बजाय व्यापारी के कारोबार स्थल पर करने की मांग भी शामिल थी।
एक महीने में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल
कृषि आदान विक्रेता संघ के भोपाल जिला अध्यक्ष संजय पटेल, पूर्व भोपाल जिला राजेश गोयनका, बंटी पटेल, लखनलाल मीणा, बाबूलाल मंडलोई और आरएस उपाध्याय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम सौंपे गए ज्ञापन में बढ़ती लागत और महंगाई को देखते हुए उर्वरकों की बिक्री पर डीलर का मार्जिन 8 फीसदी करने और अवैध बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की मांग भी की गई।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि एक महीने के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आगामी खरीफ सीजन में व्यापार पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा और अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
खाद, बीज और पेस्टिसाइड व्यापारियों ने रखी मांग
खाद, बीज और पेस्टिसाइड व्यापारियों ने सैंपल जांच के दौरान भी डीलरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताते हुए कहाकि यदि किसी उत्पाद का सैंपल फेल होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कंपनी की होनी चाहिए, न कि डीलर की। उन्होंने मांग की है कि ऐसी स्थिति में कानूनी कार्रवाई सीधे उत्पाद बनाने वाली कंपनियों पर की जाए।
डीलरों की अन्य प्रमुख मांगों में खाद और कीटनाशकों पर मार्जिन बढ़ाकर 8 प्रतिशत करना, खाद की सप्लाई सीधे रिटेल गोदामों तक सुनिश्चित करना और ‘बीज साथी’ पोर्टल की जटिलताओं को कम करना शामिल है। साथ ही, उन्होंने सरकार से कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने और व्यापारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की है।






