मैनिट हॉस्टल में छात्रों के बीमार होने के मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, पानी और खाद्य सामग्री के लिए गए सैंपल
एवीएस न्यूज.भोपाल
मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) भोपाल के हॉस्टल क्रमांक-9 और 11 में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के उल्टी-दस्त और फूड पॉइजनिंग की शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। कलेक्टर भोपाल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा दल ने दोनों हॉस्टलों की मेस और रसोई व्यवस्था का निरीक्षण कर खाद्य एवं पेयजल के नमूने जांच के लिए भेजे हैं।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक के नेतृत्व में गठित टीम ने हॉस्टल की मेस, रसोईघर, खाद्य सामग्री के भंडारण, भोजन बनाने की प्रक्रिया, पेयजल व्यवस्था, आरओ प्लांट, पानी की टंकियों और स्वच्छता व्यवस्था की जांच की।
निरीक्षण के दौरान आरओ सिस्टम में गंदगी और पानी में सूक्ष्म काले कण पाए गए। इसके बाद पेयजल संदूषण की आशंका को देखते हुए आरओ आउटलेट और छत पर स्थित जल भंडारण टंकी से पानी के सैंपल लिए गए। विभाग ने बताया कि आरओ फिल्टर से प्राप्त पानी का टीडीएस करीब 118 mg/L दर्ज किया गया, लेकिन केवल टीडीएस के आधार पर पानी की गुणवत्ता तय नहीं की जा सकती। पानी की वास्तविक स्थिति माइक्रोबायोलॉजिकल और रासायनिक जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।

विभाग ने हॉस्टल क्रमांक-9 से तुअर दाल, काबुली चना, आरओ फिल्टर का पानी और पानी की टंकी का नमूना लिया। वहीं हॉस्टल क्रमांक-11 से घी, पंपकिन सीड्स, इमली सहित अन्य खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं। हॉस्टल क्रमांक-9 और 11 में वैभव फूड्स द्वारा आवश्यक वैध खाद्य लाइसेंस के बिना खाद्य व्यवसाय संचालित किए जाने की बात सामने आई। वहीं हॉस्टल-11 में केटरिंग एजेंसी द्वारा वैध राज्य लाइसेंस के बिना खाद्य पदार्थों का प्रसंस्करण और आपूर्ति करना पाया गया।
इसके अलावा खाद्य कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र, स्वास्थ्य परीक्षण रिकॉर्ड, खाद्य हैंडलर्स के प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र और पेस्ट कंट्रोल संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले। रसोईघर में मकड़ी के जाले, स्वच्छता की कमी और हाउसकीपिंग से जुड़ी खामियां भी पाई गईं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित खाद्य संचालकों और संस्थान प्रबंधन को कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

विभाग के अनुसार प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य सामग्री या पेयजल असुरक्षित, अमानक या मिथ्या छाप पाया जाता है तो संबंधित संस्था, खाद्य व्यवसाय संचालकों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव, साधना सक्सेना, जगदीश प्रसाद लववंशी, जगदीश विश्वकर्मा और अर्चना प्रभाकर सहित विभागीय अधिकारी शामिल रहे।






