मुंबई।  कोटक महिंद्रा बैंक ने अपने कोटक बिज़लैब्स एक्सेलरेटर प्रोग्राम का दूसरा सीज़न शुरू किया। यह प्रोग्राम इसके मुख्य सीएसआर अभियान के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य अरली स्टेज के स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, बाजार की पहुँच और पूंजी उपलब्ध कराना है।

सीज़न 2, अक्टूबर 2025 से नवंबर 2026 तक चलेगा। इसमें भारत के 75 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान किया जाएगा, जो डीप-टेक, सस्टेनेबिलिटी, क्लीन एनर्जी, फिनटेक, डिजिटल टेक्नोलॉजी, एडटेक, एग्रीटेक और हैल्थटेक पर केंद्रित होगा। इस प्रोग्राम का विस्तार उत्तर भारत, दक्षिण भारत, पश्चिमी भारत और मध्य भारत में हो रहा है। आईआईटी दिल्ली का फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी) इसका नया इनक्यूबेशन पार्टनर है। अन्य इनक्यूबेशन पार्टनर आईआईएमए वेंचर्स, एनएसआरसीईएल - आईआईएम बैंगलोर और टी-हब हैं। वेंचर्स के चयन और एक्सेलरेशन सपोर्ट का काम इनक्यूबेटर्स द्वारा संभाला जाएगा।

पहला चरणः ठोस प्रभाव उत्पन्न करना

कोटक बिज़लैब्स ने पहले साल भारत के स्टार्टअप के परिवेश में ठोस परिवर्तन लायाः

  • पूरे देश से 1,500 से अधिक आवेदन मिले.
  • 500 से अधिक उद्यमियों ने आउटरीच और नॉलेज सत्रों में हिस्सा लिया.
  • 55 स्टार्टअप्स को मेंटरशिप और इनक्यूबेशन द्वारा बढ़ावा मिला.
  • 32 उद्यमों को फंडिंग सहायता मिली, जिससे उनके अगले चरण का विकास संभव हुआ.
  • 14 शहरों में रोड शो, नेटवर्किंग मिक्सर, वर्कशॉप आदि के माध्यम से जुड़ाव सुनिश्चित किया गया.

दूसरा चरणः

दूसरे चरण में कोटक बिज़लैब्स इस अभियान का विस्तार कर रहा है:

  • 800 से अधिक स्टार्टअप आउटरीच और नॉलेज सत्रों में हिस्सा लेंगे.
  • 75 से अधिक स्टार्टअप्स को मेंटरशिप और इनक्यूबेशन की मदद मिलेगी.
  • 60 से अधिक वेंचर्स को फंडिंग सहायता मिलेगी, जिससे उनके अगले चरण का विकास संभव होगा.
  • 20 से अधिक शहरों में रोड शो, नेटवर्किंग मिक्सर, वर्कशॉप्स आदि का आयोजन होगा.

 

 

कोटक महिंद्रा बैंक के हेड-सीएसआर एवं ईएसजी, हिमांशु निवरसरकर ने कहा, ‘‘कोटक ने सदैव से भारत में उद्यमिता की भावना को अपना सहयोग देने में यकीन किया है। हम केवल मेट्रो शहरों में नहीं, बल्कि टियर 2 और टियर 3 शहरों के उद्यमों को भी सहयोग देते हैं, जहाँ इनोवेशन का विकास हो रहा है। कोटक बिज़लैब्स एक्सेलरेटर प्रोग्राम के सीज़न 2 के साथ हम उन उद्यमियों को मदद देने की अपनी प्रतिबद्धता का विस्तार कर रहे हैं, जो बड़े सपने देखकर साहसी निर्माण करते हैं।’’

रोहित भसीन, हेड ऑफ एफ्लुएंट, एनआरआई, बिज़नेस बैंकिंग एवं चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, कोटक महिंद्रा बैंक ने कहा, ‘‘कोटक बिज़लैब्स हमारा आगे बढ़ने का तरीका है। यह उन साहसी उद्यमों को सशक्त बनाने का मिशन है, जो भारत के भविष्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। हमारा मानना है कि जब आप सही इरादे के साथ सही विचारों को अपना सहयोग देते हैं, तो अविश्वसनीय परिवर्तन होते हैं। यही हमारे सिद्धांत, ‘हौसला है तो हो जाएगाकी भावना है।’’

एनएसआरसीईएल के सीईओ, आनंद श्री गणेश ने कहा, ‘‘हम एक बार फिर कोटक महिंद्रा बैंक के साथ साझेदारी करके उत्सहित हैं। कोटक बिज़लैब्स के सीज़न 2 की मदद से हम भारत में गतिशील स्टार्टअप परिवेश को सशक्त बना रहे हैं। विभिन्न सेक्टरों के उभरते हुए स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, बाजार की पहुँच और पूंजी उपलब्ध करवाकर यह अभियान मेट्रो के साथ-साथ टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी परिवर्तनकारी इनोवेशन को गति प्रदान करेगा। एनएसआरसीईएल में हमारा मिशन उन साहसी उद्यमियों को बढ़ावा देने के कोटक के लक्ष्य के अनुरूप है, जो भारत के विकास में मदद करने वाले प्रभावशाली समाधानों का निर्माण करते हैं।’’

चिंतन बख्शी, पार्टनर इन्क्यूबेशन, आईआईएमए वेंचर्स ने कहा, ‘‘कोटक बिज़लैब्स सबसे खास इसलिए है क्योंकि यह टियर 2 और टियर 3 शहरों में उन उद्यमों को सहयोग प्रदान करने के लिए डिज़ाईन किया गया है, जो सबसे मुश्किल सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों को हल करने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहे हैं। आईआईएमए वेंचर्स के साथ साझेदारी में यह प्रोग्राम गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के स्टार्टअप्स को विभिन्न प्रकार का सहयोग देने के लिए तैयार किया गया है। यह उन्हें स्थानीय एंजेल निवेशकों और एचएनआई के सहयोग के लिए चार शहरों में मंच, आईआईएमए में गहन बूटकैंप और संरचनाबद्ध मेंटरिंग एवं टेक्निकल सहायता उपलब्ध कराएगा।’’

कोटक बिज़लैब्स एक्सेलरेटर प्रोग्राम के सीज़न 1 में 32 उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप्स को एग्रीटेक, क्लाईमेट टेक, फिनटेक, एडटेक, हैल्थकेयर, स्वदेशी कला एवं शिल्प, क्लीनटेक और सस्टेनेबिलिटी में अपने आधुनिक समाधानों के लिए अनुदान दिया गया। ये वेंचर्स पहले से नौकरियों का सृजन कर रहे हैं, फौलो-ऑप पूंजी प्राप्त कर रहे हैं और उद्देश्य एवं कुशलता के साथ वास्तविक दुनिया की चुनौतियों को हल कर रहे हैं। सीज़न 1 की सफलता से कोटक को अपने इस अभियान का विस्तार करने की प्रेरणा मिली, जिससे सीज़न 2 में इस प्रोग्राम के लक्ष्य एवं पहुँच का विस्तार हुआ।

टी-हब के सीईओ कविकृत ने कहा, ‘‘कोटक के परिणाम-केंद्रित इस प्रोग्राम ने सीएसआर और स्टार्टअप्स के बीच संपर्क के तरीके में परिवर्तन लाया है। टी-हब के साथ निर्माण करने वाले उद्यमियों ने मेंटर्स के साथ काम करके अपने विकास की योजनाओं में सुधार लाया, पूंजी को क्षमता निर्माण और प्रोग्राम के विकास में लगाया और अपने उत्पाद को बाजार के अनुरूप बनाया। अगले समूह के लॉन्च के साथ हम स्टार्टअप्स, कोटक और टी-हब के बीच इस साझेदारी का विस्तार करने के लिए उत्साहित हैं।’’