आईएसबी पीजीपी वाईएल के पहले बैच को 100 प्रतिशत प्लेसमेंट मिला: 38 कंपनियों ने स्टूडेंट्स को 175 ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षु अवधि के ऑफर दिए
एवीएस न्यूज. भोपाल
इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नेस (आईएसबी) में समर इंटर्नशिप प्लेसमेंट पूरे हो चुके हैं। संस्थान के पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट फॉर यंग लीडर्स (पीजीपी वाईएल) के पहले बैच (2025-27) को 100 प्रतिशत प्लेसमेंट मिला है। कंसल्टिंग, बैंकिंग एवं फाईनेंस, एफएमसीजी, टेक्नोलॉजी, बड़े समूहों, निर्माण एवं अन्य सेक्टरों में 38 कंपनियों ने स्टूडेंट्स को 175 ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षु अवधि के ऑफर दिए। केवल 11 महीने के औसत कार्यानुभव के साथ प्रोग्राम में प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट्स को 3.2 लाख रुपये का औसत वेतन मिला। मिलने वाला सबसे अधिक वेतन 7.3 लाख रुपये का था। इससे प्रदर्शित होता है कि अपने करियर की शुरुआत कर रहे प्रोफेशनल्स को श्रेष्ठ ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षु अवधि के साथ जिम्मेदार भूमिकाएं सौंपी गईं।
47 प्रतिशत ऑफर कंसल्टिंग के क्षेत्र में मिले
अगर ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षु अवधि के लिए मिले सेक्टरवार ऑफर पर नजर डालें, तो नियोक्ताओं की विस्तृत प्रतिभागिता प्रदर्शित होती है। 47 प्रतिशत ऑफर कंसल्टिंग के क्षेत्र में मिले। 19 प्रतिशत ऑफर वित्त के क्षेत्र में और इन्वेस्टमेंट एडवाईज़री के लिए थे। एफएमसीजी ने 11 प्रतिशत, टेक्नोलॉजी ने 10 प्रतिशत, तथा बड़े समूहों ने 7 प्रतिशत ऑफर दिए। 6 प्रतिशत ऑफर ऑपरेशंस, उभरती हुई टेक्नोलॉजी और निर्माण, कंज़्यूमर सर्विसेज़ तथा नॉन-प्रॉफिट ऑर्गेनाईज़ेशंस के सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में मिले। विद्यार्थियों को बिज़नेस/स्ट्रेटेजी कंसल्टिंग, बिज़नेस स्ट्रेटेजी, जनरल मैनेजमेंट, ब्रांड मार्केटिंग, प्रोडक्ट मैनेजमेंट (टेक्नोलॉजी), प्रोग्राम मैनेजमेंट (टेक्नोलॉजी) और ट्रांसफॉर्मेशन, जनरल फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट एडवाइज़री, सेल्स मैनेजमेंट और ऑपरेशंस में ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षु अवधि का अवसर मिला।
पीजीपी वाईएल के पहले बैच को मिली शानदार ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षु अवधि आईएसबी में मजबूत प्रशिक्षण विधि प्रदर्शित करती है, जिसमें वास्तविक और जटिल व्यवसायिक समस्याओं को हल करने तथा अभ्यास पर आधारित लर्निंग पर जोर दिया जाता है।
पीजीपी वाईएल में लर्निंग विद्यार्थियों को विभिन्न अवसर प्रदान करती है, वो काम की भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में हैंड्स-ऑन अनुभव प्राप्त करते हैं। बिज़नेस डिज़ाईन लैब, इनोवेशन थ्रू डिज़ाईन एक्सप्लोरेशन एंड एक्शनेबल सॉल्यूशंस (आईडियाज़) में स्टूडेंट्स को संगठन की वास्तविक चुनौतियों का अनुभव तथा ग्राहक-केंद्रित, प्रॉब्लम-सॉल्विंग दृष्टिकोण के साथ काम करने का अवसर मिलता है। प्लेटफॉर्म फॉर इनोवेशन एंड वेंचर ओरिएंटेड थिंकिंग (पाईवट) डिज़ाईन थिंकिंग, एडवांस्ड बिज़नेस स्ट्रेट्जीज़, और इनोवेटिव टेक्नोलॉजी की मदद से स्टूडेंट्स की लर्निंग को मजबूत बनाता है, तथा उन्हें प्रमाणित बिज़नेस मॉडल एवं कारगर समाधानों का विकास करने में समर्थ बनाता है।
सही एकेडेमिक फाउंडेशन और एक्सपोज़र से प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स संगठन में प्रभावशाली नतीजे दे सकते हैं: दीप मणि
आईएसबी में डिप्टी डीन, एकेडेमिक प्रोग्राम्स, प्रोफेसर दीपा मणि ने कहाकि पहले पीजीपी वाईएल समर प्लेसमेंट से हमारा यह विश्वास मजबूत हुआ है कि सही एकेडेमिक फाउंडेशन और एक्सपोज़र से प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स संगठन में प्रभावशाली नतीजे दे सकते हैं। यहाँ ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षु अवधि के लिए जितने व्यापक क्षेत्रों से नियोक्ता आए हैं और जितनी विविधतापूर्ण भूमिकाएं स्टूडेंट्स को मिली हैं, उससे प्रदर्शित होता है कि आईएसबी में स्टूडेंट्स को कितना व्यापक कौशल दिया जाता है, जिसका उपयोग वो तुरंत कार्यस्थल पर कर सकते हैं।’’
20 माह का पीजीपी वाईएल प्रोग्राम ग्रेजुएट्स और अपने करियर की शुरुआत कर रहे प्रोफेशनल्स को बिज़नेस, टेक्नोलॉजी और लीडरशिप में मजबूत आधार प्रदान करने के लिए डिज़ाईन किया गया है। यह उन्हें संगठन के अंदर प्रभावशाली नतीजे देने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करता है। इसके पहले बैच की औसत आयु 23 साल थी, जिसमें एक कठोर और प्रतिस्पर्धी प्रवेश प्रक्रिया द्वारा अत्यधिक प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स का चयन किया गया था।
इस बैच में काफी विविधता थी। जहाँ, 32 प्रतिशत स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन के बाद सीधे यह कोर्स करने आए थे, वहीं, अन्य स्टूडेंट्स को विभिन्न सेक्टरों में 24 महीने से कम समय का काम करने का अनुभव था। बैच में महिला स्टूडेंट्स की संख्या 50 प्रतिशत थी। स्टूडेंट्स भारत के सभी प्रमुख इलाकों से थे, जिससे अध्ययन के एक समृद्ध और समावेशी वातावरण का निर्माण हुआ।

