एवीएस न्यूज.भोपाल 
 देश के खाद्य तेल बाजार में इस समय नरमी का माहौल बना हुआ है। सरकार की सख्ती, कमजोर मांग और सोयाबीन के रकबे में बढ़ोतरी की उम्मीद के चलते सोया, सरसों सहित अन्य प्रमुख खाद्य तेलों की कीमतों में 10 से 12 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तिलहन की बढ़ती आपूर्ति ने उपभोक्ताओं को राहत दी है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जमाखोरी पर सख्त निगरानी और आयातित खाद्य तेलों की बेहतर उपलब्धता के कारण स्टॉकिस्टों ने बिकवाली बढ़ा दी है, जिससे कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है।  स्थानीय तेल ब्रोकरों रमाकांत तिवारी के अनुसार भोपाल के हनुमानगंज और जुमेराती जैसे जिंस बाजारों में पिछले एक सप्ताह में खाद्य तेलों की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है।


 खाद्य तेलों की कीमतों पर एक नजर  
सोयाबीन तेल 165 रुपए  प्रति किलो से घटकर लगभग 155 रुपए प्रति किलो पर आ गया है
मूंगफली तेल 210 रुपए से घटकर 180–185 रुपए प्रति किलो के बीच बिक रहा है
सनफ्लावर तेल 200 रुपए से घटकर 170–175 रुपए प्रति किलो हो गया है
पाम ऑयल 160–165 रुपए से घटकर 152–153 रुपए प्रति किलो पर आ गया है
सरसों तेल 185–190 रुपए से घटकर 170–175 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है
राइस ब्रान तेल 155–160 रुपए से घटकर 145–150 रुपए प्रति किलो बिक रहा है

 

डिब्बा पैक तेलों में भी दर्ज हुई गिरावट 
डिब्बा पैक तेलों में भी इसी तरह की गिरावट दर्ज की गई है। 15 किलो सोयाबीन तेल का टिन 2600–2650 रुपये से घटकर लगभग 2450 रुपए हो गया है। मूंगफली तेल का टिन 3000–3100 रुपए से घटकर 2750 रुपए, जबकि सरसों तेल का टिन 2900 रुपये से घटकर लगभग 2750 रुपए पर पहुंच गया है।


 सरसों तेल में भी राहत, बाजार में स्थिरता के संकेत
व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल बाजार में आपूर्ति पर्याप्त है और किसी तरह की कमी नहीं देखी जा रही है। इसी कारण निकट भविष्य में कीमतों में तेज उछाल की संभावना कम है। सरसों का तेल की पर्याप्त उपलब्धता और तेल मिलों के पास मजबूत स्टॉक के चलते इसके दामों में भी गिरावट दर्ज की गई है।
 

उपभोक्ताओं को मिली राहत
तेल व्यापारी अपूर्व पवैया के अनुसार खाद्य तेल रोजमर्रा की रसोई की सबसे जरूरी वस्तुओं में से एक है। कीमतों में यह गिरावट सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर सकारात्मक असर डालेगी। उन्होंने कहा कि यदि आने वाले समय में तिलहन उत्पादन और आयात की स्थिति स्थिर बनी रहती है, तो कीमतों में और अधिक स्थिरता देखी जा सकती है।
 

किसानों और व्यापारियों की नजर आगे की फसल पर
हालांकि वर्तमान में उपभोक्ताओं को राहत मिली है, लेकिन बाजार में अनिश्चितता अभी बनी हुई है। व्यापारी और किसान आगामी फसल, मानसून की स्थिति और वैश्विक बाजार के रुझानों पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में किसी भी बड़े बदलाव या मौसम संबंधी चुनौती का सीधा असर घरेलू खाद्य तेल कीमतों पर पड़ सकता है। फिलहाल खाद्य तेल बाजार में नरमी का रुख जारी है और सोया, सरसों समेत प्रमुख तेलों के दाम घटने से महंगाई के दबाव में कुछ कमी आई है।