एवीएस न्यूज. भोपाल 


मध्यप्रदेश कृषि आदान विक्रेता संघ की लंबे समय से चल रही मांग को बड़ी सफलता मिली है। राज्य सरकार ने उर्वरक कंपनियों द्वारा अनुदानित खाद के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग किए जाने की प्रथा पर सख्त कदम उठाते हुए प्रदेश में इस व्यवस्था पर प्रभावी रोक लगा दी है। किसानों की शिकायत पर कृषि विभाग ने निर्देश दिए हैं कि अनुदानित खाद के साथ अन्य उत्पाद थोपने पर डीलरों/कंपनियों के खिलाफ एफआईआर और लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी।


  समस्त गैर अनुदानित उर्वरक की आपूर्ति और बिक्री आगामी आदेश तक प्रदेश में पूर्णतः प्रतिबंधित : वरवड़े
कृषि सचिव निशांत वरवड़े द्वारा जारी इस पत्र के अनुसार वर्तमान में अनुदानित यूरिया, डीएपी एवं काम्प्लेक्स उर्वरकों के साथ कंपनियों द्वारा उत्पादित अन्य उर्वरकों की टैगिंग की संभावना है, जिससे किसानों को अनुदानित उर्वरकों के साथ अन्य उर्वरक भी क्रय करने पड़ सकते हैं , जिससे आदान लागत में वृद्धि होगी। इस संबंध में किसानों द्वारा विभिन्न स्तरों पर शिकायतें दर्ज कराई गई है। इस संबंध में कृषि विभाग /मंत्रालय ने मध्य प्रदेश में अनुदानित यूरिया , डीएपी एवं काम्प्लेक्स उर्वरकों की आपूर्ति करने वाली कंपनियों को अनुदानित उर्वरकों की आपूर्ति के लिए दी गई अनुमति को छोड़कर उर्वरक विक्रय प्राधिकार ( फार्म ए -2  ) में अंकित अन्य समस्त गैर अनुदानित उर्वरकों की आपूर्ति एवं विक्रय को आगामी आदेश तक प्रदेश में पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है।


अब राज्य में अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर-अनुदानित उत्पादों की बिक्री नहीं होगी : रघुवंशी
प्रदेश सचिव संजय कुमार रघुवंशी (उज्जैन) ने जानकारी देते हुए बताया कि किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब राज्य में अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर-अनुदानित उत्पादों की बिक्री नहीं की जा सकेगी। जारी निर्देशों के तहत यूरिया, डीएपी एवं अन्य फास्फेटिक उर्वरकों के साथ टैग किए जा रहे उत्पादों के संबंध में संबंधित कंपनियों के फार्म ए-2 में दर्ज गैर-अनुदानित उत्पादों की बिक्री पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है। अब कंपनियां केवल अधिकृत अनुदानित यूरिया, डीएपी एवं कॉम्प्लेक्स उर्वरकों की ही आपूर्ति एवं बिक्री कर सकेंगी।


 सख्त निगरानी के निर्देश
विभाग के सचिव  निशांत वरवड़े द्वारा जारी आदेश की प्रतियां राज्य के सभी कलेक्टर्स, संयुक्त संचालकों, उप संचालकों (किसान कल्याण एवं कृषि विकास), म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक, एमपी एग्रो तथा प्रदेश में कार्यरत सभी उर्वरक कंपनियों को भेजी गई हैं, ताकि आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय से प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं और किसानों दोनों को बड़ी राहत मिलेगी तथा टैगिंग जैसी विवादित व्यवस्था पर प्रभावी अंकुश लगेगा।

 


 

एग्रो इनपुट डीलर एसो.के प्रतिनिधिमंडल ने महानिदेशक सुरेश कुमार चौधरी से की भेंट  
 ऑल इंडिया एग्रो इनपुट डीलर एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महानिदेशक सुरेश कुमार चौधरी से सौजन्य मुलाकात कर उर्वरक व्यापार से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने डीलर मार्जिन, जबरन टैगिंग, रिटेलर गोदाम तक फोर सुविधा उपलब्ध कराने तथा कंपनियों द्वारा किए जा रहे भ्रामक प्रचार-प्रसार जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया। एसोसिएशन की ओर से आग्रह किया गया कि इन मुद्दों पर फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया केंद्र सरकार को पत्राचार करे तथा सदस्य उर्वरक उत्पादक कंपनियों को टैगिंग नहीं करने और रिटेलर स्तर तक फोर सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं।

महानिदेशक  सुरेश कुमार चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि इन सभी विषयों पर आगामी बोर्ड बैठक में विस्तृत चर्चा की जाएगी तथा उचित निर्णय लेकर संगठन को अवगत कराया जाएगा। इस प्रतिनिधिमंडल में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्तासंजय कुमार रघुवंशी,  अशोक मारु (निंबाहेड़ा) एवं  प्रकाश जैन (बैतूल) विशेष रूप से उपस्थित रहे।