रायसेन के बाम्होरी में धानुका की मेगा किसान बैठक, 200 किसानों ने लिया हिस्सा
एवीएस न्यूज ..रायसेन
रायसेन जिले के बाम्होरी मार्केट में धानुका एग्रीटेक लिमिटेड की ओर से मेगा किसान बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करीब 200 किसानों ने भाग लेकर धान की फसल में रोग एवं कीट प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
बैठक का उद्देश्य किसानों को धान की फसल के लिए बेहतर कृषि समाधान उपलब्ध कराने के साथ फसल में होने वाले रोगों और कीटों के प्रभावी प्रबंधन के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत एस-1 सेल्स के श्री राम ने स्वागत के साथ की। उन्होंने किसानों को माइकोर सुपर के बारे में जानकारी दी।

धानुका एग्रीटेक के डीजीएम सुभाष कुमार गुप्ता ने कंपनी की गतिविधियों, ‘इंडिया का प्रणाम’ पहल और Verdour से जुड़े अवसरों की जानकारी किसानों के साथ साझा की। वहीं बीडीओ अभिनव ने धान की फसल में रोग प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। एफएल सौरभ तिवारी ने किसानों को कीट प्रबंधन के व्यावहारिक उपाय बताए।

‘धानुका कृषि मित्र सम्मान’ रहा खास आकर्षण
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण ‘धानुका कृषि मित्र सम्मान’ रहा। इस दौरान किसान सुमित चौहान को उनके कृषि अनुभवों के लिए सम्मानित किया गया। एक दिन पहले माइकोर सुपर को लेकर उनका प्रशंसापत्र भी रिकॉर्ड किया गया था।
किसान बैठक के दौरान सुमित चौहान ने करीब 200 किसानों के सामने अपने खेत में माइकोर सुपर के उपयोग से प्राप्त अनुभव और धान की फसल में देखे गए परिणामों को साझा किया। साथी किसानों के बीच सम्मान मिलने पर वे उत्साहित नजर आए। उनके प्रत्यक्ष अनुभव ने किसानों के बीच किसान से किसान तक कृषि तकनीक और अनुभव साझा करने का प्रभावी माध्यम तैयार किया।
किसानों के साथ संवाद और क्विज
कार्यक्रम के दौरान धानुका डॉक्टर्स भीषम सिंह लोधी, योगेश नामदेव, मोहित श्रीवास्तव और विकास चौहान ने किसानों के साथ संवाद किया और उनकी कृषि संबंधी जिज्ञासाओं पर चर्चा की।
किसानों की सहभागिता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम में इंटरैक्टिव क्विज भी आयोजित की गई। इसमें किसानों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। क्विज और संवाद सत्र के माध्यम से किसानों को कृषि संबंधी जानकारी को रोचक तरीके से समझने का अवसर मिला।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह के किसान संवाद कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों तक आधुनिक कृषि समाधानों और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन की जानकारी पहुंचाना तथा उन्हें बेहतर कृषि पद्धतियों के लिए प्रोत्साहित करना है।


