उमरिया कलेक्टर राखी सहाय की अध्यक्षता में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विशेष प्रकोष्ठ गठित
एवीएस न्यूज. उमरिया/भोपाल
जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन, पर्यावरण संरक्षण और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय की अध्यक्षता में एक विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सेल) का गठन किया गया है।यह प्रकोष्ठ आगामी एक वर्ष तक जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की निगरानी, संचालन और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेगा।
जिला स्तरीय समिति का गठन
इस विशेष प्रकोष्ठ में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को सदस्य सचिव एवं समन्वयक बनाया गया है। इसके अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी जैसे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्व, स्वास्थ्य, कृषि, श्रम, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, जनपद पंचायतों के सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
प्रमुख जिम्मेदारियां तय
समिति को जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत सभी प्रावधानों के पालन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अंतर्गत डंपिंग स्थलों का नियमित निरीक्षण, अवैध कचरा डंप साइटों की पहचान और रिपोर्टिंग तथा कचरा प्रबंधन के लिए केवल अधिकृत वाहनों के उपयोग को सुनिश्चित करना शामिल है।साथ ही प्रत्येक 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजना अनिवार्य किया गया है।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन
समिति को 19 फरवरी 2026, 29 अप्रैल 2026 और 5 मई 2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
पर्यटन और ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
पर्यटन स्थलों, तीर्थ स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण और लेगेसी वेस्ट प्रबंधन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
स्वच्छता और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा
स्वच्छ भारत मिशन के तहत उपलब्ध बजट का कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा अपशिष्ट प्रबंधन पर खर्च करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा “रिड्यूस, रियूज और रिसाइकिल” की अवधारणा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।नए कॉलोनियों में वेस्ट हैंडलिंग जोन विकसित किए जाएंगे और सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पर्यटन एवं ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस
समिति पर्यटन स्थलों, तीर्थ स्थलों एवं अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विशेष तंत्र विकसित करेगी। प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 का सख्ती से पालन कराया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बीडब्ल्यूजीएस एवं ईबीडब्ल्यूजीआर प्रमाणन, लेगेसी वेस्ट की निगरानी, बंद बॉडी वाले कचरा वाहनों का उपयोग, सभी जीवीपीएस की मैपिंग एवं समाप्ति, घनी आबादी वाले क्षेत्रों में प्रतिदिन न्यूनतम दो बार सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने जैसे कार्यों की निगरानी की जाएगी। यदि कहीं सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।






