एवीएस न्यूज..भोपाल 
व्यापारियों की संस्था कंफेडरेशन ऑफऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के पदाधिकारियों ने बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों और आगामी अभियानों पर चर्चा की हुई। मध्यप्रदेश कार्यसमिति बैठक की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने की। इस मौके पर खंडेलवाल ने कहा कि कैट पूरे देश में व्यापारियों और आम नागरिकों के हित में चार सूत्रीय प्रमुख अभियान शुरू करने जा रहा है, जिनमें प्रमुख रूप से जनसेवा के लिए सीएससी साझेदारी, साइबर फ्रॉड से सुरक्षा अभियान, महिला उद्यमिता ‘व्यापार सखी’ कार्यक्रम, स्वदेशी अभियान और ई-कॉमर्स कंपनियों पर नियंत्रण शामिल है।  
बैठक में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय संगठन मंत्री भूपेन्द्र जैन, प्रदेश अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, प्रदेश संगठन मंत्री राजकुमार गुप्ता, पूर्व सीजीएसटी आयुक्त नवीन गोयल, जिला मुख्यालय राजीव खंडेलवाल, सुनील जैन (501), गोविंददास असाटी, एवं सीएआईटी भोपाल धर्मेन्द्र शर्मा सहित अन्य प्रमुख उपस्थित रहे। यह बैठक व्यापार जगत के हितों की दिशा कैट में हुई के आगामी रोडमैप और जनहितकारी अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।


 कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की प्रमुख चार सूत्रीय अभियान 
 
- कैट ने सरकार के साथ एक समझौता किया है जिसके तहत कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) के माध्यम से आम सुविधाएं शहरों से लेकर गांव-गांव तक पहुंचाई जाएंगी। इस पहल से व्यापारी वर्ग को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी।
  -देश में बढ़ते साइबर फ्रॉड के मद्देनजर कैट व्यापारियों को जागरूक करने के लिए देशव्यापी अभियान चलाएगा। इसमें बताया जाएगा कि फ्रॉड से कैसे बचें और घटना के बाद तत्काल क्या कदम उठाएँ। साथ ही, व्यापारियों से साइबर इंश्योरेंस कराने का भी आग्रह किया गया।
-  कैट देशभर में महिलाओं को स्वावलंबी और उद्यमी बनाने के लिए ‘व्यापार सखी’ कार्यक्रम प्रारंभ कर रहा है। इसके तहत बड़े स्तर पर प्रशिक्षण एवं आयोजन किए जाएंगे।
  - आठ और 9 नवंबर को कैट, स्वदेशी जागरण मंच सहित कई संगठनों ने स्वदेशी को बल देने का संकल्प लिया है। इसके तहत मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में स्वदेशी रथ यात्रा आयोजित की जाएगी,ताकि भारतीय उत्पादों के प्रयोग को प्रोत्साहन दिया जा सके।
 - ई-कॉमर्स कंपनियों की मनमानी, विशेषकर फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में, छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। कैट सरकार से मांग करेगा कि कानूनी व्यवस्था और  फ्रेंचाइज लॉ लागू किया जाए,  ताकि बड़ी कंपनियों की मनमानी पर रोक लग सके।