एवीएस न्यूज . गोवा/नई दिल्ली 
भारत की अग्रणी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों में से एक थिंक गैस, इंडिया एनर्जी वीक 2026 में हिस्सा लेकर भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और शहरी एवं अर्ध-शहरी बाजारों में गैस आधारित आधारभूत ढांचे के विस्तार को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराने जा रही है। 
आगंतुक हॉल नंबर 2, स्टॉल 2एफ18 पर थिंक गैस की टीम से बातचीत कर सकत हैं जहां यह कंपनी अपनी एकीकृत सीजीडी क्षमताओं, वृद्धि की रूपरेखा एवं सभी सीएनजी, पीएनजी और एलएनजी आधारभूत ढांचे में ग्राहक केंद्रित सॉल्यूशंस प्रदर्शित करेगी।  
थिंक गैस के प्रबंध निदेशक और सीईओ अभिलाष गुप्ता इस दौरान एक रणनीतिक सम्मेलन सत्र के दौरान एक वक्ता के तौर पर ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में सीजीडी की भूमिका और कम उत्सर्जन वाली गतिशीलता को समर्थ बनाने और भारत की दीर्घकालीन डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों में सहयोग इसकी भूमिका पर अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे। 
थिंक गैस के प्रबंध निदेशक और सीईओ अभिलाष गुप्ता ने कहा, “इंडिया एनर्जी वीक राष्ट्रीय ऊर्जा की गाथा को आकार देने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में उभरा है। हमारे ब्राडों के सफल एकीकरण के बाद, थिंक गैस आज सिटी गैस ढांचे को कुशलता और जिम्मेदारी के साथ विस्तार देने की अनूठी स्थिति में है। हमारा जोर स्वच्छ ईंधन तक लोगों की पहुंच बढ़ाने, लचीला नेटवर्क तैयार करने और ग्राहकों और ऊर्जा पारितंत्र को दीर्घकालीन मूल्य प्रदान करने पर बना हुआ है।” 
इस आयोजन में मौजूद थिंक गैस की लीटरशिप टीम में चेयरमैन अमितव सेनगुप्ता, चीफ मार्केटिंग ऑफिसर एवं प्रमुख (वाणिज्यिक) विनुकुमार बालकृष्णन, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर चिरदीप दत्ता, और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर निशांत नेहरू शामिल होंगे । साथ ही सीईओ - थिंक एलएनजी इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड संदीप त्रेहन भी मौजूद थे । यह लीडरशिप टीम नीति निर्माताओंस उद्योग के साथियों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और निवेशकों के साथ क्षेत्रवार प्राथमिकताओं, नीति की रूपरेखा और क्रियान्वयन चुनौतियों पर बातचीत करेगी। 
इंडिया एनर्जी वीक 2025 में एजीएंडपी प्रथम और थिंक गैस ने अपने ब्रांडों का विलय कर एक एकीकृत पहचान- थिंक गैस करने की घोषणा की थी। यह समेकित ब्रांड अब भारत के 10 प्रतिशत भूभाग में 10 राज्यों के 49 जिलों में परिचालन करती है जिसमें 100 मिलियन से अधिक लोगों को सेवाएं देने की संभावना है। इस एकीकरण का उद्देश्य परिचालन दक्षता का उपयोग करना, परियोजना क्रियान्वयन में तेजी लाना और सीजीडी क्षेत्र में बाजार में पहुंच का दायरा बढ़ाना था। 
थिंक गैस स्वच्छ ऊर्जा तक पहुंच बढ़ाने और राष्ट्रीय ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने की भारत की महत्वाकांक्षा में सहयोग प्रदान करने में निरंतर एक अहम भूमिका निभा रही है।