800-900 ग्राम के भ्रामक पैकेट पर रोक, अब स्टैंडर्ड साइज पैक में मिलेगा खाद्य
एवीएस न्यूज. भोपाल
खाद्य तेल की पैकिंग में वजन को लेकर की जा रही कथित चालाकी पर रोक लगाने की तैयारी है। कंपनियों द्वारा लागत बढ़ने पर पैकेट की कीमत में सीधे बदलाव करने के बजाय उसका वजन कम किए जाने की शिकायतों के बीच अब खाद्य तेल को स्टैंडर्ड साइज पैक में बेचने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। दरअसल, बाजार में लंबे समय से 800 और 900 ग्राम जैसे पैकेट में खाद्य तेल उपलब्ध कराया जा रहा था। पैकेट का आकार लगभग समान रहने के कारण उपभोक्ताओं को कई बार वजन में कमी का स्पष्ट अंदाजा नहीं हो पाता था। इसे लेकर उपभोक्ता संगठनों और बाजार से जुड़े लोगों की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं।
उपभोक्ता मामलों के विभाग ने खाद्य तेलों की पैकेजिंग के स्टैंडर्ड
ऑपरेटिंग नियमों में संशोधन करते हुए 1 सितंबर से गैर-मानक पैक साइज की बिक्री पर रोक लगा दी है। अब कंपनियां 800 ग्राम, 900 ग्राम या 910 ग्राम जैसे पैक साइज के जरिए उपभोक्ताओं को भ्रमित नहीं कर सकेंगी। कंपनियों को पुराने गैर-मानक पैकेजिंग वाले स्टॉक को बाजार से निकालने के लिए दिया गया तीन महीने का समय 31 अगस्त को समाप्त हो गया।
अब इन तय साइज में ही पैक होगा तेल
नए नियमों के तहत खाद्य तेल की पैकिंग के लिए निर्धारित मानक साइज लागू किए गए हैं। मध्यम आकार के पैकेट और बोतलों में 1, 2, 3, 4 और 5 लीटर के पैक उपलब्ध होंगे। वहीं बड़े पैक और टिन के लिए 15 और 20 लीटर के मानक निर्धारित किए गए हैं।
हालांकि, 200 मिलीलीटर या 200 ग्राम से छोटे किफायती पाउच को मानकीकरण की अनिवार्यता से बाहर रखा गया है, ताकि कम आय वर्ग और कम मात्रा में तेल खरीदने वाले उपभोक्ताओं को परेशानी न हो। कुछ विशेष प्रकार के खाद्य तेलों को भी निर्धारित मानक से छूट दी गई है।
ग्राहक आसानी से कर सकेंगे कीमत की तुलना
नए नियमों का सबसे बड़ा फायदा उपभोक्ताओं को कीमतों की तुलना में मिल सकता है। अभी अलग-अलग कंपनियां 800, 900 या 910 ग्राम जैसे पैक बाजार में उतारती थीं। ऐसे में पैकेट की कीमत कम नजर आने के बावजूद प्रति किलो या प्रति लीटर वास्तविक कीमत अधिक हो सकती थी। मानक पैक साइज लागू होने के बाद ग्राहक समान मात्रा वाले अलग-अलग ब्रांड के तेल की कीमत सीधे तुलना कर सकेंगे। इससे पैकेजिंग के जरिए कम कीमत का भ्रम पैदा करने की गुंजाइश घटेगी और बाजार में मूल्य पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।


