एवीएस न्यूज. मुंबई 
कोल्हापुर पश्चिमी महाराष्ट्र में एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है और राज्य भर के टियर-II शहर भारत की विनिर्माण की अगली लहर को गति देने के लिए तैयार हैं। यह महानगर केंद्रों से परे एक संरचनात्मक बदलाव है, जिसमें ये शहर केवल लागत-कुशल विकल्पों के बजाय लचीली, विविध मूल्य श्रृंखलाओं में रणनीतिक केंद्र बन रहे है। यह बात भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के पश्चिमी क्षेत्र के उपाध्यक्ष और ब्लू स्टार लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  वी एस आडवाणी ने शुक्रवार को कोल्हापुर में कही।

 आडवाणी ने  कहाकि मजबूत औद्योगिक आधार, कुशल कार्यबल और सुदृढ़ बुनियादी ढांचे के बल पर महाराष्ट्र ने लगातार भारत के औद्योगिक विकास का नेतृत्व किया है। अगला चरण महानगर केंद्रों से परे क्षमताओं के विस्तार और लागत अनुकूलन, मूल्यवर्धन, नवाचार और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करते हुए कोल्हापुर, पुणे, नासिक और छत्रपति संभाजीनगर जैसे टियर-II केंद्रों को राष्ट्रीय और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकृत करने पर निर्भर करेगा। 
 

इंजीनियरिंग और फाउंड्री क्लस्टर उच्च विकास वाले क्षेत्रों में विविधता लाने के लिए तैयार 
उद्योग विशेषज्ञों ने पश्चिमी महाराष्ट्र में विकास के लिए तैयार उभरते क्षेत्रों की पहचान की, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, स्वच्छ शीतलन और इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कोल्हापुर के इंजीनियरिंग और फाउंड्री क्लस्टर उच्च विकास वाले क्षेत्रों में विविधता लाने के लिए तैयार हैं। लक्षित नीतिगत समर्थन से कोल्हापुर जैसे शहर राष्ट्रीय विनिर्माण क्षेत्र में अग्रणी बन सकते हैं। कोल्हापुर में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 
 

एमएसएमई को सशक्त बनाने से न केवल स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा 
 आडवाणी ने एमएसएमई को डिजिटल उपकरणों को अपनाने, अनुपालन मानकों में सुधार करने और बड़ी आपूर्ति श्रृंखलाओं के साथ एकीकृत होने में सहायता करने पर जोर दिया ताकि वे अधिक पारदर्शी, उत्पादक बन सकें और संस्थागत ऋण प्राप्त कर सकें। आडवाणी ने कहाकि एमएसएमई को सशक्त बनाने से न केवल स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वैश्विक बाजारों में राज्य की प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ेगी।  उन्होंने कहाकि ऊर्जा दक्षता, संसाधन अनुकूलन और पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी उत्पादन निवेशकों के निर्णयों, वैश्विक बाजार तक पहुंच और दीर्घकालिक लागत प्रतिस्पर्धात्मकता को तेजी से प्रभावित कर रहे हैं। 
 

सीआईआई ग्रीन बिजनेस सेंटर के सहयोग से स्थापित  ग्रीनप्रो फाउंड्री क्लस्टर 
उन्होंने आगे कहाकि सीआईआई महाराष्ट्र क्षेत्रीय पहल द्वारा सीआईआई ग्रीन बिजनेस सेंटर के सहयोग से स्थापित कोल्हापुर ग्रीनप्रो फाउंड्री क्लस्टर का उद्देश्य उत्पाद इकोलेबलिंग के माध्यम से फाउंड्री उद्योगों को कम कार्बन उत्सर्जन और टिकाऊ विनिर्माण की ओर अग्रसर करना है। कोल्हापुर भारत के सबसे बड़े फाउंड्री केंद्रों में से एक है जो ऑटोमोटिव और इंजीनियरिंग क्षेत्रों को सेवाएं प्रदान करता है। आडवाणी ने अवसंरचना विकास में तेजी लाने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और निवेश को सुगम बनाने के लिए दीर्घकालिक योजना और उद्योग-सरकार समन्वय के महत्व पर जोर दिया।