एवीएस न्यूज. जबलपुर

डॉ. आर.एस. शर्मा, एमडी मेडिसिन, डीएम कार्डियोलॉजी (एम्स नई दिल्ली) ने बताया, शादी समारोहों, गरबा नाइट्स, जिम और सार्वजनिक कार्यक्रमों में नाचते या व्यायाम करते हुए अचानक गिरने वाले युवाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

जबलपुर शहर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पूरी तरह स्वस्थ दिखने वाले लोग कुछ ही सेकंड में बेहोश होकर गिर पड़े और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल संयोग नहीं बल्कि सडन कार्डियक अरेस्ट (अचानक हृदय रुक जाना) का बढ़ता खतरा है।

शलबी हॉस्पिटल और एस.एस. मेडिकल कॉलेज,जबलपुर के कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार “ऐसे मरीजों के दिल में अक्सर पहले से ब्लॉकेज या इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी होती है, जो समय पर जांच न होने से पता नहीं चलती। जब वे अचानक नाचते या व्यायाम करते हैं तो हृदय पर ज्यादा दबाव पड़ता है और ऑक्सीजन की कमी के कारण दिल रुक जाता है।

 डॉक्टरों का कहना है कि जबलपुर की बदलती जीवनशैली ने स्थिति को और खराब कर दिया है। पौष्टिक घर का खाना अब तैलीय और पैकेटबंद फास्ट फूड ने ले लिया है। जरूरत से ज्यादा खाना, बार-बार स्नैकिंग, और फल-सब्जियों की कमी ने शरीर में पोषण असंतुलन पैदा कर दिया है। धूम्रपान, तनाव और नींद की कमी ने दिल को और कमजोर बना दिया है।

डॉ. आर.एस. शर्मा, एमडी मेडिसिन, डीएम कार्डियोलॉजी (एम्स नई दिल्ली) के अनुसार  चिंता की बात यह भी है कि कई लोग वर्षों तक निष्क्रिय रहने के बाद अचानक भारी व्यायाम या जिम शुरू कर देते हैं। डॉ. शर्मा ने कहा, “बिना जांच कराए अचानक भारी एक्सरसाइज करना खतरनाक है। दिल को भी तैयारी चाहिए — धीरे-धीरे नियमित व्यायाम से ही उसे मजबूत बनाया जा सकता है।

 विशेषज्ञों की सलाह है कि 30 वर्ष से ऊपर के सभी लोग, खासकर जिनके परिवार में डायबिटीज़ या ब्लड प्रेशर का इतिहास है, वे नियमित रूप से हार्ट चेकअप कराएं। योग, प्राणायाम, तेज़ चाल से चलना या साइक्लिंग जैसी गतिविधियाँ दिल को मजबूत बनाती हैं और सडन कार्डियक अरेस्ट का खतरा कम करती हैं। डॉक्टरों का संदेश साफ है — पौष्टिक भोजन, नियमित व्यायाम और तनाव पर नियंत्रण अपनाएं। वरना अगला नृत्य, अगली खुशी का मौका किसी के लिए आखिरी साबित हो सकता है।