पीएम मोदी की अपील के बाद भी आयोजित ज्वेलरी एग्जिबिशन पर उठे सवाल
उद्योग से जुड़े लोग बोले- संतुलित दृष्टिकोण की जरूरत, आयोजनों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए
एवीएस न्यूज.भोपाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा और आर्थिक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से नागरिकों से एक वर्ष तक सोने की खरीदी कम करने और अनावश्यक आयात से बचने की अपील के बाद देशभर में इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच भोपाल सहित विभिन्न शहरों में बड़े स्तर पर आयोजित हो रहे ज्वेलरी एग्जिबिशन और व्यापारिक आयोजनों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
भोपाल में 24 से 26 मई 2026 तक प्रस्तावित एक ज्वेलरी एग्जिबिशन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा हो रही है, क्योंकि इसमें भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, विधायकों और सांसदों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कई लोगों का मानना है कि जब प्रधानमंत्री स्वयं देशहित में संयम और आर्थिक आत्मनिर्भरता की बात कर रहे हैं, तब इस प्रकार के आयोजनों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राष्ट्रहित सर्वोपरि रहे और प्रधानमंत्री के संदेश को व्यवहार में भी महत्व मिले।
हालांकि, दूसरी ओर ज्वेलरी उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि यह क्षेत्र देश में लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार देता है। उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार यदि सोने की मांग में बड़ी गिरावट आती है तो व्यापार और रोजगार दोनों प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में कई संगठनों ने गोल्ड रीसाइक्लिंग और गोल्ड मोनेटाइजेशन जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर जोर देने की बात कही है।
बाजार जानकारों का मानना है कि सरकार, उद्योग जगत, जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों को मिलकर ऐसा संतुलित रास्ता निकालना होगा, जिससे देश की आर्थिक मजबूती भी बनी रहे और रोजगार व व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित न हों। राष्ट्रहित से जुड़े इस मुद्दे पर सभी पक्षों से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ विचार करने की आवश्यकता बताई जा रही है।






