35 हजार एलपीजी वितरकों का देशव्यापी सांकेतिक विरोध, सप्लाई बाधित नहीं
विरोध के चौथा चरण में नो फंड-नो इंडेट, एकसूत्रीय मांग सेवा शुल्क 150 रुपए किया जाए
एवीएस न्यूज. भोपाल
राजधानी भोपाल, मध्य प्रदेश सहित देशभर के 35 हजार एलपीजी गैस वितरक चरणबद्ध तरीके से अपनी एक सूत्रीय मांग सेवा शुल्क 150 रुपए किए जाने को लेकर एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑल इंडिया एसोसिएशन के बैनर तले संघर्षरत हैं।
एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा के आह्वान पर गुरूवार को भोपाल, मध्यप्रदेश सहित देशभर में एलपीजी वितरकों ने सांकेतिक हड़ताल के फलस्वरूप नो फंड-नो इंडेट की थीम पर अपनी मांग के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। एलपीजी ऑल इंडिया फेडरेशन और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑल इंडिया एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस सांकेतिक विरोध से एलपीजी गैस की सप्लाई किसी प्रकार से कोई बाधित नहीं है। एलपीजी की बुकिंग, सप्लाई निर्वाध और सुचारू पूर्वक बनी हुई है।
गैस एजेंसी संचालक न ही कंपनी में पैसा जमा किया और न ही कोई ऑर्डर बुकिंग किया
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि सेवा शुल्क 150 रुपए करने की एक सूत्रीय मांग को लेकर वितरकों का यह संघर्ष चरणबद्ध तरीके से 20 अक्टूबर 2025 से जारी है। देशभर के वितरकों ने 20 अक्टूबर को काली पट्टी बांधा, 24 अक्टूबर को सचिव मंत्रालय के नाम प्रत्येक जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, 29 अक्टूबर को मशाल जुलूस निकाला और गुरूवार यानी 6 नवंबर को भोपाल, मध्यप्रदेश सहित देशभर के वितरक नो फंड और नो इंडेट यानी कोई भी गैस एजेंसी संचालक न ही कंपनी में पैसा जमा किया और न ही कोई ऑर्डर बुकिंग किया ।
संगठन के अनुसार केंद्र सरकार को सेवा शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक सरकार इस पर कोई फैसला नहीं ले सकी है। इसी वजह से भोपाल समेत देशभर के वितरक चरणबद्ध तरीके से सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन न ही कोई एजेंसी बंद है और न ही किसी प्रकार से एलपीजी की सप्लाई प्रभावित है। गैस सिलेंडर की आपूर्ति निर्बाध रूप से संचालित है।

