दुग्ध संघों के अधिकारी-कर्मचारियों ने की प्रबंध संचालक की निंदा 
 

भोपाल।  हर घर तिरंगा अभियान को नए भारत की पहचान बनाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी , पार्टी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने और देश, प्रदेश की जनता से अपील की थी कि राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा बनने एवं अपने घरों व प्रतिष्ठानों पर ध्वजारोहण करें,  तिरंगा झंडा लगाएं। लेकिन मध्यप्रदेश सांची एमपी स्टेट को आपरेटिव डेयरी फेडरेशन यानी एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक (एमडी) डॉ. संजय गोवाणी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील के बावजूद हर घर तिरंगा अभियान का हिस्सा नहीं बनें। उन्होंने एमपीसीडीएफ कार्यालय में ध्वजारोहण को तवज्जों नहीं देते हुए रक्षाबंधन त्यौहार की छुट्टी पर जाना अधिक उचित समझा।  


गौरतलब है कि राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड ने मध्यप्रदेश सांची एमपी स्टेट को आपरेटिव डेयरी फेडरेशन यानि एमपीसीडीएफ का संचालन  14 अप्रैल 2025 से लेने के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फेडरेशन कार्यालय में  प्रबंध संचालन ने ध्वजारोहरण करना उचित नहीं समझा और अवकाश लेकर चले गए।  हालांकि प्रबंध संचालक डॉ.संजय गोवाणी की अनुपस्थिति में एमपीसीडीएफ परिसर में वरिष्ठ अधिकारी द्वारा ध्वजारोहरण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में हर्षोल्लास का वातावतरण तो रहा परंतु प्रबंध संचालक का अवकाश पर जाना और उनकी अनुपस्थिति सभी को खली।  


 तकनीकी रूप से अनुभवी नहीं, दिन प्रतिदिन गिरती जा रही दुग्ध संघों की  स्थिति  
संघ के अधिकारी-कर्मचारी संगठन के बीच 15 अगस्त पर ध्वजारोहण नहीं किए जाने की यह बात चर्चा का विषय बनीं हुई।  कहा जा रहा है कि देशवासियों में पहले देश और देश का झंडा रहता है फिर उसके बाद अन्य कोई व्यक्तिगत आवश्यक कार्य होते हैं। यह एमपीसीडीएफ के इतिहास में काला दिवस माना जाएगा, जब किसी प्रबंध संचालक ने राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के पहले अपना व्यक्तिगत कार्य को सर्वोपरि समझा और ध्वजारोहरण जैसे राष्ट्रीय पर्व पर अनुपस्थित रहे। जिसकी जमकर निंदा भी की जा रही है। दुग्ध संघ के अधिकारी-कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ.संजय गोवाणी तकनीकी और अनुभवी न होने के कारण दुग्ध संघों की स्थिति दिन प्रतिदिन गिरती जा रही है।