प्रमुख न्यूट्रिशन साइंटिस्ट डॉ.जीशान ने कहा : एनीमल बेस्ड फूड की तुलना में प्लांट बेस्ड फूड ज्यादा फायदेमंद
एवीएस न्यूज.भोपाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नागरिकों से खाद्य तेलों की खपत कम करने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का आग्रह किया है, ताकि देशभर में बढ़ रही दीर्घकालिक खतरनाक बीमारियों से मुकाबला किया जा सके। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी बेहतर खानपान की आदतें अपनाने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि मधुमेह, हृदय रोग और मोटापे जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों को रोका जा सके।
राजधानी के प्रमुख न्यूट्रिशन साइंटिस्ट डॉ. जीशान अली का कहना है कि दुनियाभर में अभी तक हुई रिसर्च और स्टडी में यह साबित हुआ है कि एनीमल बेस्ड फूड की तुलना में प्लांट बेस्ड फूड हमारे शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद है और इससे आप डायबिटीज, हार्ट डिसीज और मोटापे जैसी बीमारियों से हमेशा के लिए निजात पा सकते हैं।
खाद्य तेल का उपयोग कम करके संपूर्ण स्वास्थ्य में ला सकते हैं सुधार
भोपाल के निवासी सम्पूर्ण एवं पौधा-आधारित आहार अपनाकर इन राष्ट्रीय अपीलों को व्यवहार में ला सकते हैं। ऐसे खाद्य तेल के उपयोग को कम करके संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार ला सकते हैं और मधुमेह, उच्च रक्तचाप व फैटी लिवर जैसी बीमारियों को उलटने में भी मदद कर सकते हैं। डॉ. अली ऐसे आहार संबंधी सुझाव देते हैं जो स्थानीय खाद्य परंपराओं के अनुरूप हों और शहर के सभी सामाजिक-आर्थिक वर्गों के लिए व्यवहार्य हों।
प्लांट बेस्ड विगन फूड्स ही लंबे और स्वस्थ्य जीवन की गारंटी देते
अंतरराष्ट्रीय स्तर के गैर-लाभकारी संगठन फिजिशियन कमेटी फॉर रिस्पॉन्सिबल मेडिसिन (पीसीआरएम) के प्रवक्ता डॉ. जीशान अली का कहना है कि प्लांट बेस्ड विगन फूड्स ही लंबे और स्वस्थ्य जीवन की गारंटी देते हैं। लोगों को चाहिए कि यदि वे पूरी तरह से स्वस्थ रहना चाहते हैं तो एनीमल बेस्ड फूड जैसे दूध, दही, घी, बटर, मांस, मछली, चिकन, अंडे खाना पूरी तरह से बंद कर दें और प्लांट बेस्ड नैचुरल फूड्स जैसे फल-सब्जी, दाल-चावल इत्यादि ही खाएं।
फिजिशियन कमेटी फॉर रिस्पॉन्सिबल मेडिसिन (पीसीआरएम) की स्थापना 1985 को अमेरिका में नील बनार्ड ने की थी और आज इसके पूरी दुनिया में 10 लाख से ज्यादा सदस्य हैं जिनमें लगभग विभिन्न देशों के 17000 डॉक्टर्स हैं।

