एवीएस न्यूज.मुंबई 
जी5 ने आज अपनी आने वाली हिंदी ओरिजिनल सीरीज शब्द रीत और रिवाज का ट्रेलर जारी किया। यह छह एपिसोड की भावनात्मक ड्रामा सीरीज है, जो पिता-पुत्र के रिश्ते की नाज़ुक भावनाओं, पीढिय़ों की अपेक्षाओं और अपनी अलग पहचान बनाने के साहस को दर्शाती है। रस्क मीडिया द्वारा निर्मित और अमीत गुप्ता के निर्देशन में बनी इस सीरीज़ में मिहिर आहूजा और सुविंदर विक्की मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। इस सीरीज  का प्रीमियर 6 फरवरी को, विशेष रूप से हिंदी जी5 पर किया जाएगा।
पंजाब की भावनात्मक पृष्ठभूमि पर आधारित शबद 16 वर्षीय घुप्पी सिंह की कहानी है, जो हकलाने की समस्या के साथ जीता है और ऐसे सपने देखता है जो उसके परिवार की गहरी परंपराओं से बिल्कुल अलग हैं। उसके पिता हरमिंदर सिंह, जो एक सम्मानित रागी गायक हैं और साथ ही कॉरपोरेट दुनिया से भी जुड़े हैं, चाहते हैं कि घुप्पी भक्ति संगीत की इस पवित्र परंपरा को आगे बढ़ाए। लेकिन घुप्पी को अपनी असली आजादी और खुद को व्यक्त करने का सच्चा एहसास भजनों में नहीं, बल्कि फुटबॉल के मैदान पर मिलता है।
जैसे-जैसे पीढिय़ों के बीच तनाव बढ़ता है और भावनात्मक दूरियां गहरी होती जाती हैं, शबद विरासत और आकांक्षाओं, परंपरा और व्यक्तिगत पहचान के बीच के टकराव को बेहद संवेदनशीलता से दिखाता है। यह सीरीज़ एक अहम सवाल उठाती है-क्या विरासत हमें जन्म से मिलती है, या हम खुद उसे चुनते हैं? आस्था, डर, प्रेम और महत्वाकांक्षा के इस टकराव में पिता और पुत्र दोनों को अपनी सबसे गहरी कमजोरियों का सामना करना पड़ता है। अंतत: वे समझते हैं कि साथ-साथ जीने की राह अधिकार से नहीं, बल्कि सहानुभूति और समझ से निकलती है। सुविंदर विक्की ने आगे कहाकि हरमिंदर एक ऐसा पिता है, जिनकी सोच विश्वास, अनुशासन और विरासत खो देने के डर से बनी है। वह सच्चे मन से मानता है कि वह अपने बेटे के भले के लिए ही सब कुछ कर रहा है, भले ही कभी-कभी उसका प्रेम दबाव में बदल जाता है। शबद की जो बात मुझे सबसे ज़्यादा छू गई, वह यह है कि यह माता-पिता को खलनायक नहीं बनाता, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे अनकही भावनाएँ और अधूरे सपने हमारे फैसलों को किस तरह प्रभावित करते हैं। यह कहानी बेहद गहरी, भावनात्मक है और कई भारतीय परिवारों की सच्ची तस्वीर पेश करती है।