डॉ. विराट ने जिनेवा में 114वें अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में किया भारत का प्रतिनिधित्व
एआई, गिग इकोनॉमी और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों पर की चर्चा
एवीएस न्यूज, भोपाल।
स्विट्जरलैंड के जिनेवा में 1 से 13 जून तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के 114वें सम्मेलन में भारत का गौरव बढ़ा। इस वैश्विक मंच पर नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (एनएफआईटीयू) के महासचिव और एलएनसीटी विश्वविद्यालय, भोपाल के उपकुलसचिव डॉ. विराट जायसवाल ने भारतीय श्रमिक प्रतिनिधिमंडल की ओर से देश का प्रतिनिधित्व किया।
सम्मेलन में एआई, गिग इकोनॉमी और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. जायसवाल ने ‘मानव-केंद्रित एआई’ की अवधारणा को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि तकनीकी विकास का उद्देश्य श्रमिकों को हटाना नहीं, बल्कि उनकी कार्यक्षमता बढ़ाना, सामाजिक सुरक्षा देना और सुरक्षित रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। भविष्य की अर्थव्यवस्था में एआई तभी सफल होगी, जब उसके केंद्र में मानव कल्याण होगा।

ब्रिक्स ट्रेड यूनियन शिखर सम्मेलन की रूपरेखा रखी
इसके अलावा, उन्होंने जिनेवा में आयोजित ‘भारत के नए श्रम संहिताओं पर वैश्विक संवाद’ में केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे और राजदूत अरिंदम बागची की उपस्थिति में सक्रिय भागीदारी की। साथ ही, जुलाई 2026 में हैदराबाद में प्रस्तावित ब्रिक्स ट्रेड यूनियन शिखर सम्मेलन की रूपरेखा भी वैश्विक प्रतिनिधियों के सामने रखी। डॉ. विराट जायसवाल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर निफ्टू मध्य प्रदेश के अध्यक्ष रामनारायण गिरी, मीडिया प्रभारी आशीष सोनी और ऑल इंडिया बीएचईएल एम्पलॉइज यूनियन के पदाधिकारियों ने इसे भारतीय श्रमिक आंदोलन के लिए गर्व का विषय बताते हुए उन्हें बधाई दी।






