एआई से बदल रहा है मध्य प्रदेश का लघु एवं मध्यम उद्योग परिदृश्य; कोटक महिंद्रा बैंक
भोपाल । भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में छोटे और मझोले उद्यम (SMEs) तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अपना रहे हैं। अब यह सिर्फ पायलट प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े पैमाने पर इनका इस्तेमाल हो रहा है।
कोटक महिंद्रा बैंक के मुताबिक, मध्य प्रदेश की एमएसएमई विकास नीति 2025, तकनीकी साझेदारियों और प्रस्तावित एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी पहलों से इस बदलाव को और बढ़ावा मिल रहा है, जो राज्य में डिजिटल विकास को गति दे रहे हैं। 25 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के साथ, मध्य प्रदेश अपने विविध औद्योगिक क्षेत्रों - टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग और हैंडीक्राफ्ट्स - में एआई को प्रमुख व्यावसायिक कार्यों के साथ जोड़ रहा है।
कोटक महिंद्रा बैंक के प्रेसिडेंट – एसएमई, शेखर भंडारी ने कहा, “हम तीन प्रमुख बदलाव देख रहे हैं। पहला, एआई अब वर्कफ्लो में गहराई से जुड़ गया है, जिससे व्यापारिक दस्तावेज़ीकरण, भुगतान और रसीदों का एकीकृत प्रबंधन संभव हो रहा है। दूसरा, क्लस्टर-आधारित ज्ञान-साझेदारी से एआई अपनाने की गति तेज़ हुई है। और तीसरा, एसएमई अब डिजिटल बैंकिंग के साथ एआई को जोड़कर नकदी प्रवाह की पारदर्शिता और कार्यशील पूंजी की दक्षता को बेहतर बना रहे हैं।” इस परिवर्तन के केंद्र में है Kotak FYN, बैंक का अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, जो पेपरलेस ट्रेड फ़ाइनेंस, सुव्यवस्थित लेन-देन और एआई -सक्षम विश्लेषण जैसी सुविधाएँ प्रदान करता है। यह प्लेटफ़ॉर्म मोबाइल, वेब और एपीआई - तीनों माध्यमों पर उपलब्ध है। बढ़ती मांग को देखते हुए, कोटक महिंद्रा बैंक अब भोपाल, इंदौर और जबलपुर में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रहा है।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य के एसएमई अब एआई की मदद से कारोबारी चक्र को संक्षिप्त, उत्पादकता में वृद्धि, और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से उतर रहे हैं। नीति आयोग के अनुमान के अनुसार, भारत की व्यापक एआई रणनीति से 2035 तक सकल घरेलू उत्पाद में 500 से 600 अरब डॉलर तक की वृद्धि संभव है, जिसमें एसएमई क्षेत्र इस विकास का प्रमुख आधार बनेगा।

