भेल रिवार्ड स्कीम 2024: ऐबू ने की व्यापक संशोधन की मांग
एआईबीईयू-एनएफआईटीयू ने प्रबंधन को सौंपा मांगपत्र
रिवार्ड स्कीम 2024 के बहाने कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, दिल्ली बैठक से पहले बढ़ी धड़कनें
एवीएस न्यूज, भोपाल।
बीएचईएल की रिवार्ड स्कीम-2024 के पुनरीक्षण को लेकर ऑल इंडिया बीएचईएल एम्प्लॉईज यूनियन (ऐबू) संबद्ध एनएफआईटीयू ने अपनी मांगों को और तेज करते हुए प्रबंधन को विस्तृत एवं तार्किक मांग पत्र सौंपा।
आगामी 13 जुलाई को नई दिल्ली में प्रस्तावित रिवार्ड स्कीम समीक्षा उप-समिति की बैठक से पहले यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष एवं महासचिव रामनारायण गिरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बीएचईएल भोपाल के एलजीएक्स विभाग के अपर महाप्रबंधक एवं उप-समिति में भोपाल प्रबंधन के सदस्य जगदीश तनवानी से मुलाकात कर कर्मचारियों की समस्याओं एवं सुझावों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में यूनियन अध्यक्ष सतेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष विशाल वाणी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रोहित कुमार, उपाध्यक्ष जयप्रकाश, सह-कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इंसेंटिव स्कीम उत्पादन क्षमता की रीढ़
रामनारायण गिरी ने कहा कि इंसेंटिव स्कीम बीएचईएल भोपाल की उत्पादन क्षमता और उत्पादकता की रीढ़ है, लेकिन वर्तमान रिवार्ड स्कीम लागू होने के बाद विशेष रूप से सहायक कर्मचारियों को पूर्व की तुलना में अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। यदि योजना में व्यावहारिक संशोधन किए जाएं तो कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, उत्पादन में वृद्धि होगी और संस्थान को लाभ होगा।
सकारात्मक निर्णय का विश्वास
यूनियन के कार्यवाहक अध्यक्ष आशीष सोनी ने यूनियन की तरफ से विश्वास व्यक्त किया कि 13 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित उप-समिति की बैठक में कर्मचारियों के हित में इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे रिवार्ड स्कीम अधिक न्यायसंगत, पारदर्शी और कर्मचारी हितैषी बन सकेगी।
यूनियन की ये हैं प्रमुख मांगें
यूनियन द्वारा दिए गए मांगपत्र में वर्ष 2024 से लंबित एरियर का शीघ्र भुगतान, डी/आर एवं टेन्योर कर्मकारों को योजना में शामिल करने, वेतन पर्ची में पीपी इंडेक्स एवं कार्यदक्षता का उल्लेख, पात्र सफेद फोटो पासधारी कर्मचारियों को लाभ, मानक कार्य घंटे 208 से घटाकर 200 करने, सहायक कर्मचारियों का रिवार्ड 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने, इंसेंटिव यूनिट लेवल-1 को ₹11,000 तथा लेवल-2 को ₹5,000 करने, उपस्थिति एवं अवकाश नियमों में संशोधन, सभी विभागों को योजना का लाभ, भाग-2 की राशि का समान वितरण, 105 प्रतिशत से अधिक पीपी इंडेक्स पर अतिरिक्त प्रोत्साहन, मशीन ब्रेकडाउन एवं दुर्घटना की स्थिति में पिछले तीन माह की औसत प्रोत्साहन राशि का भुगतान, प्रत्येक तीन वर्ष में योजना की अनिवार्य समीक्षा तथा उप-समिति की बैठकों के मिनट्स सार्वजनिक करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।






