एवीएस न्यूज..भोपाल
 एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने ऐक्‍शन अगेंस्‍ट हंगर फाउंडेशन इंडिया  के सहयोग से मध्‍य प्रदेश के धार और छत्‍तीसगढ़ के गरियाबंद जिलों में 26 आंगनवाड़ी केंद्रों का नवीनीकरण किया।  इन केंद्रों का उद्देश्य ग्रामीण इलाको में बच्‍चों और माताओं के लिए सुरक्षित, शिक्षाप्रद और पोषण संबंधी सुविधाओं को मज़बूत करना है। इन दोनों जिलों में कुल 1,078 बच्‍चों को बेहतर सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ मिल रहा है।
इन 26 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के नवीनीकरण के बाद 3-5 साल की उम्र के बच्चों की उपस्थिति में बढ़ोतरी देखी गई है। धार में यह 51 फीसदी से बढ़कर 84फीसदी और गरियाबंद में 51फीसदी से 77फीसदी हो गई। इसमें बच्चों के लिए अर्ली चाइल्‍डहूड डेवलपमेंट (ईसीडी) और एंथ्रोपोमेट्रिक किट्स की अहम भूमिका रही है। इस उल्लेखनीय वृद्धि से यह पता चलता है कि समुदाय का भरोसा बढ़ा है और बच्‍चे प्रारंभिक शिक्षा व विकास निगरानी कार्यक्रमों में अधिक भाग लेने लगे हैं।

  उद्घाटन समारोह में टीर्ला ब्लॉक के सीडीपीओ एसएन मकवाना, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड के अधिकारी रजत ग्रोवर (चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर), रविंद्र जैन (रीजनल हेड), निशांत बंगेड़ा (लीड सीएसआर),विनय अय्यर (सीईओ, एक्शन अगेंस्ट हंगर फाउंडेशन इंडिया), और संदीप देवाल (प्रोजेक्ट मैनेजर)  के साथ-साथ आंगनवाड़ी सेविकाएं और बच्‍चे भी उपस्थित थे।


इस पहल पर,  नंद किशोर, एमडी और सीईओ, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने कहा, "स्वास्थ्य और शिक्षा हमारे देश की प्रगति के लिए बेहद जरूरी हैं, और हमने अपनी सीएसआर पहलों में हमेशा इन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। ऐसी नवाचारपूर्ण और सहयोगात्मक पहल के माध्यम से, हमारा उद्देश्य भारत के सबसे दूरदराज़ क्षेत्रों में सेवाओं की पहुँच को मजबूत करना है। इन आंगनवाड़ी केंद्रों का नवीनीकरण हमारे बच्‍चों और समुदायों के लिए समावेशी और स्थायी प्रभाव पैदा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस अवसर पर बोलते हुए, विनय अय्यर, सीईओ, एक्शन अगेंस्ट हंगर फाउंडेशन इंडिया ने कहा, “एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड के साथ हमारी साझेदारी यह दिखाती है कि सहयोगात्मक प्रयास बच्‍चों और माताओं के लिए स्थायी बदलाव ला सकते हैं।

ये आंगनवाड़ी केंद्र सुरक्षित स्थान के रूप में काम करेंगे, जो बच्‍चों की वृद्धि, शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देंगे  और इससे समुदाय और भी स्वस्थ और मजबूत बनेगा। यह पहल एक साझा दृष्टिकोण को दर्शाती है, जो बच्‍चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने, पोषण तक पहुँच आसान बनाने और समुदाय द्वारा संचालित सतत प्रयासों के माध्यम से मजबूत और सहनशील समुदाय बनाने पर केंद्रित है।