उच्च स्तरीय अनुसूचित जनजाति छानबीन समिति ने फर्जी घोषित किया

एवीएस न्यूज, भोपाल।

खाद्य एवं औषधि विभाग में चल रही विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिकायतकर्ता अनिल शर्मा ने आरोप लगाया है कि विभाग द्वारा एक वरिष्ठ फूड इंस्पेक्टर को अनुसूचित जनजाति (एसटी) आरक्षण का लाभ देते हुए पदोन्नति देने की तैयारी की जा रही है, जबकि उनका जाति प्रमाण पत्र मध्य प्रदेश की उच्च स्तरीय अनुसूचित जनजाति छानबीन समिति द्वारा फर्जी घोषित किया जा चुका है।

 

शिकायतकर्ता के अनुसार, वरिष्ठ फूड इंस्पेक्टर सुषमा पथरोल के जाति प्रमाण पत्र को उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने अपने 26 फरवरी 2025 के आदेश के माध्यम से अमान्य एवं फर्जी घोषित किया था। उनका कहना है कि संबंधित आदेश वर्तमान में प्रभावशील है। शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि मामले में उच्च न्यायालय ने छानबीन समिति के आदेश या उसकी प्रक्रिया पर अंतिम रूप से रोक (स्टे) नहीं लगाई है। उनके अनुसार, न्यायालय द्वारा केवल अगली सुनवाई तक अंतरिम राहत प्रदान की गई थी, इसलिए छानबीन समिति का आदेश प्रभावी बना हुआ है।

निष्पक्ष जांच करने की मांग

इन परिस्थितियों में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से संबंधित अधिकारी को अनुसूचित जनजाति आरक्षण का लाभ देते हुए पदोन्नति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पदोन्नति प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग की है।