एवीएस न्यूज. .नई दिल्ली 
भारत में डिजिटल सेवाओं के तेजी से विस्तार के साथ डेटा की सुरक्षा, उपलब्धता और उस पर नियंत्रण का महत्व लगातार बढ़ रहा है। स्मार्टफोन से ली गई तस्वीर, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन बैंकिंग या अस्पताल में अपॉइंटमेंट-हर डिजिटल गतिविधि डेटा तैयार करती है। इस डेटा को सुरक्षित रूप से स्टोर, प्रोसेस और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध कराने में क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण भूमिका है।

एयरटेल के अनुसार, उसके एआई आधारित एंटी-स्पैम समाधान ने अब तक 93 अरब से अधिक स्पैम कॉल और 4 अरब स्पैम संदेशों की पहचान की है। कंपनी के मुताबिक, इस समाधान ने 14 लाख से अधिक धोखाधड़ी वाले लिंक भी ब्लॉक किए हैं।


 एयरटेल का सॉवरेन टेल्को-ग्रेड क्लाउड
एयरटेल ने अगस्त 2025 में अपनी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी एक्सटेलिफाय के जरिए एयरटेल क्लाउड लांच किया। कंपनी के अनुसार, इसके साथ एयरटेल भारत का पहला टेलीकॉम ऑपरेटर बना, जिसने सॉवरेन टेल्को-ग्रेड क्लाउड प्लेटफॉर्म पेश किया।

कंपनी के मुताबिक, यह प्लेटफॉर्म शुरुआत में एयरटेल के अपने डिजिटल इकोसिस्टम को सपोर्ट करने के लिए विकसित किया गया था और इसे वास्तविक परिस्थितियों में प्रति मिनट 1.4 अरब तक ट्रांजैक्शन संभालने के लिए परखा गया है। सॉवरेन-बाय-डिजाइन आर्किटेक्चर के तहत एयरटेल का दावा है कि डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंट्रोल-प्लेन ऑपरेशंस भारत में ही होस्ट और नियंत्रित किए जाते हैं।

एयरटेल के अनुसार यह प्लेटफॉर्म भारतीय बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और एंटरप्राइज तथा सरकारी संगठनों को डेटा रेजिडेंसी, सुरक्षा और अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करता है।

 

स्वायत्त (सोवरेन) क्लाउड क्यों महत्वपूर्ण है?

 

स्वायत्त (सोवरेन) क्लाउड ऐसा क्लाउड वातावरण है, जिसे किसी देश के कानूनी और नियामकीय अधिकार क्षेत्र के भीतर डेटा और क्लाउड संचालन बनाए रखने के लिए तैयार किया जाता है।

 

भारत में इसका मतलब है कि डेटा को भारतीय कानूनों और सुरक्षा ढांचे के तहत स्टोर, मैनेज और नियंत्रित किया जाता है। इसे इस तरह समझा जा सकता है कि मूल्यवान दस्तावेजों को विदेश के बजाय भारत में बैंक लॉकर में रखा जाए। स्वायत्त (सोवरेन) क्लाउड डेटा पर अधिक नियंत्रण और निगरानी सुनिश्चित करने में मदद करता है।

 

स्वायत्त (सोवरेन) क्लाउड केवल डेटा को भौतिक रूप से स्टोर करने तक सीमित नहीं है। इसमें मेटाडेटा, बैकअप, एन्क्रिप्शन की, एक्सेस परमिशन और क्लाउड-मैनेजमेंट सिस्टम पर पूरा नियंत्रण भी शामिल है। इससे संस्थान संवेदनशील जानकारी की बेहतर सुरक्षा कर सकते हैं और अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं।

 

भारत में डेटा रखने से उसकी सुरक्षा में कैसे मदद मिलती है?

 

भारत में डेटा होस्ट करने से कानूनी, नियामकीय और परिचालन स्तर पर अधिक नियंत्रण मिलता है। संस्थानों को यह बेहतर जानकारी रहती है कि डेटा कहां स्टोर है, उसे कैसे प्रोसेस किया जा रहा है और कौन उसे एक्सेस कर सकता है।

 

बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा, सरकारी सेवाओं, कराधान, रक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों के लिए यह खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जहां डेटा सुरक्षा और अनुपालन सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हैं।

 

डेटा को भारत के भीतर रखने से विदेशी कानूनी अधिकार क्षेत्रों के संपर्क में आने का जोखिम भी कम किया जा सकता है। इससे संस्थान राष्ट्रीय डेटा गवर्नेंस संबंधी आवश्यकताओं के साथ बेहतर तालमेल बना सकते हैं।

 

 

एयरटेल ने भारत का पहला स्वायत्त (सोवरेन) टेल्को ग्रेड क्लाउड किया लॉन्च

 

एयरटेल ने अगस्त 2025 में एक्सटेलिफ़ाय (Xtelify) के ज़रिए एयरटेल क्लाउड लॉन्च करके डिजिटल इंफ़्रास्ट्रक्चर और डेटा संप्रभुता के क्षेत्र में अपनी स्थिति मज़बूत की। इसके साथ एयरटेल भारत का पहला टेलीकॉम ऑपरेटर बना, जिसने स्वायत्त (सोवरेन), टेल्को ग्रेड क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म पेश किया। यह प्लेटफ़ॉर्म मूल रूप से एयरटेल के अपने डिजिटल इकोसिस्टम को सपोर्ट करने के लिए बनाया गया था और इसे प्रति मिनट 1.4 अरब तक ट्रांज़ैक्शन संभालने के लिए वास्तविक परिस्थितियों में परखा गया है। 

 

सॉवरेन बाय डिज़ाइन/ स्वायत्त (सोवरेन) डिज़ाइन आर्किटेक्चर के साथ तैयार एयरटेल क्लाउड यह सुनिश्चित करता है कि डेटा, इंफ़्रास्ट्रक्चर और कंट्रोल प्लेन ऑपरेशन्स पूरी तरह भारत में होस्ट और नियंत्रित किए जाएँ। इससे एंटरप्राइज़ेज़ को डेटा रेज़िडेंसी, सुरक्षा और अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलती है। एयरटेल के अगली पीढ़ी के डेटा सेंटर्स और देशभर में फैले नेटवर्क पर निर्मित यह प्लेटफ़ॉर्म 99.99% अपटाइम, जियो रिडंडेंसी, एडवांस्ड डिज़ास्टर रिकवरी, इम्यूटेबल बैकअप और लगातार डेटा रेप्लिकेशन की सुविधा देता है। 

 

यह प्लेटफ़ॉर्म आईएएएस, पीएएएस और जेनरेटिव एआई आधारित सेवाओं की पूरी श्रृंखला उपलब्ध कराता है। इससे एंटरप्राइज़ेज़ और सरकारी संगठन मिशन क्रिटिकल वर्कलोड्स को सुरक्षित तरीके से चला सकते हैं, डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन को गति दे सकते हैं और अपने डेटा पर अधिक नियंत्रण बनाए रख सकते हैं। मेइटी सर्टिफ़िकेशन्स और एयरटेल के विश्वसनीय इंफ़्रास्ट्रक्चर पर आधारित एयरटेल क्लाउड एक सुरक्षित, स्थानीय स्तर पर नियंत्रित क्लाउड एनवायरनमेंट उपलब्ध कराता है, जिसे भारतीय बाज़ार की ज़रूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। 

 

आज भारत में निर्मित और भारत के लिए तैयार एयरटेल क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म देशभर के एंटरप्राइज़ेज़ को सेवाएँ उपलब्ध कराता है और भारत का पहला टेल्को ग्रेड क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म है।