एवीएस न्यूज. मुंबई  


थिएटर में रिलीज़ के बाद काफी चर्चा बटोरने वाली फिल्म द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड अब 8 मई को हिंदी ज़ी5 पर रिलीज़ होने जा रही है। अपनी डिजिटल रिलीज़ के साथ, यह फिल्म और भी बड़े दर्शक वर्ग तक पहुँचने का लक्ष्य रखती है, ताकि इसकी प्रभावशाली और भावनात्मक कहानी देशभर के घरों तक पहुँच सके।


अपने पहले भाग से आगे बढ़ते हुए, द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड इस बार राजस्थान, मध्य प्रदेश और केरल की तीन युवा महिलाओं की व्यक्तिगत ज़िंदगी की कहानियों पर ध्यान देती है। पहली नज़र में उनकी ज़िंदगियाँ अलग-अलग लगती हैं, लेकिन एक साझा अनुभव उन्हें जोड़ता है, जहाँ कहानी की शुरुआत भरोसे और प्यार से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह धोखे, नियंत्रण और अपने फैसलों पर अधिकार खोने तक पहुंच जाती है।


असल में, यह फिल्म एक कड़ी और असहज सच्चाई की याद दिलाती है कि भावनात्मक कमजोरी का कैसे गलत फायदा उठाया जा सकता है। यह दिखाती है कि भरोसे का दुरुपयोग कितनी आसानी से हो सकता है, जिससे रिश्ते आज़ादी की जगह नियंत्रण का माध्यम बन जाते हैं। इन गहराई से जुड़ी व्यक्तिगत कहानियों के ज़रिए, फिल्म एक ऐसी जागरूक करने वाली कहानी बनकर सामने आती है, जो यह बताती है कि ऐसे अनुभव किसी भी बेटी के साथ, किसी भी घर में हो सकते हैं।


इस फिल्म का निर्माण विपुल अमृतलाल शाह ने किया है और इसका निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है। फिल्म में अदिति भाटिया, उल्का गुप्ता और ऐश्वर्या ओझा मुख्य भूमिकाओं में हैं, जिन्होंने अपने किरदारों में गहराई और भावनात्मक संवेदनशीलता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। फिल्म के सह-निर्माता आशिन ए. शाह और रविचंद नल्लप्पा हैं, जबकि इसकी कहानी अमरनाथ झा और विपुल अमृतलाल शाह ने मिलकर लिखी है।


कावेरी दास, बिज़नेस हेड – हिंदी ज़ी5 और चीफ़ चैनल ऑफिसर &TV, ने कहा: “मजबूत कहानियों को जिम्मेदारी और सही संदर्भ के साथ दर्शकों तक पहुँचाना हिंदी ज़ी5 में हमारी कहानी कहने की सोच का अहम हिस्सा है। ‘द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड’ का डिजिटल प्रीमियर हमें इसकी भावनात्मक रूप से समृद्ध और जटिल कहानी को देशभर के दर्शकों तक पहुँचाने का अवसर देता है। हमारी हिंदी कंटेंट रणनीति लगातार अलग-अलग नजरियों को दिखाने और ऐसा खास कंटेंट बनाने पर केंद्रित है, जो दर्शकों से गहराई से जुड़ सके।”
निर्माता विपुल अमृतलाल शाह ने कहा,“‘द केरल स्टोरी 2’ के साथ हमारा उद्देश्य हमेशा सिर्फ कहानी कहने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कुछ ऐसा बनाना रहा है जो लोगों को रुककर सोचने पर मजबूर करे और अपने आसपास की सच्चाइयों पर कठिन सवाल उठाने के लिए प्रेरित करे। यह केवल पर्दे पर दिखने वाली घटनाओं के बारे में नहीं है, बल्कि उनके पीछे छिपे गहरे कारणों को समझने के बारे में है। हमें विश्वास है कि ज़ी5 के माध्यम से यह फिल्म देशभर के घरों तक पहुँचेगी और महत्वपूर्ण चर्चाओं की शुरुआत करेगी। हाल ही में नासिक में टीसीएस से जुड़े एक मामले के संदर्भ में यह स्पष्ट है कि इन मुद्दों को अब और नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

यह केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक चेतावनी है जो लोगों को सचेत करती है। हर माँ और बेटी के लिए इसे देखना ज़रूरी है ताकि वे जागरूक और सतर्क रह सकें। फिल्म में जो दिखाया गया है, वह हाल ही में कॉर्पोरेट वातावरण में युवा महिलाओं के साथ कथित रूप से हुई कुछ घटनाओं से गहराई से मेल खाता है, जिससे इसका संदेश और भी अधिक त्वरित रूप से प्रभाव डालता है और प्रासंगिक हो जाता है।”