कलर्स की प्रमुख अभिनेत्रियाँ प्यार और आभार के साथ मनाती हैं मदर्स डे
एवीएस न्यूज. मुंबई
कलर्स के शो ‘लाफ्टर शेफ्स अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट’ से जुड़ी निया शर्मा ने कहा, “मेरी ताक़त सीधे मेरी मां से मिली है। मैंने उन्हें ज़िंदगी को अद्भुत हिम्मत और धैर्य के साथ संभालते देखा है और वही आत्मविश्वास आज मेरे अंदर है। लोग मेरी ऊर्जा देखते हैं और समझते हैं कि मेरे पीछे हमेशा एक ऐसी महिला रही है जिसने मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
मुझे हमेशा लगता है कि ज़िंदगी को खास बनाने के लिए किसी बड़ी चीज़ की ज़रूरत नहीं होती, बस अपने माता-पिता को साथ ले जाइए और हर पल मज़ेदार हो जाता है। मुझे अब भी हंसी आती है उस ट्रिप को याद करके जब हम उन्हें ‘हॉप-ऑन हॉप-ऑफ’ बस में खो बैठे थे और घंटों बाद वह छत पर बैठी पूरे शहर के वीडियो बना रही थीं जबकि हम घबराकर सबको अलर्ट कर रहे थे। यही तो उनकी खासियत है हर अफरा-तफरी को यादगार बना देना। इस साल तो और भी खास रहा क्योंकि मुझे उनके साथ ‘लाफ्टर शेफ्स’ में शूट करने का मौका मिला और हमने साथ मिलकर शानदार खाना बनाया। उन्हें मेरे काम की दुनिया में मेरे साथ देखना मेरे लिए सबकुछ था। मैं जानती हूँ कि मैं कभी उनकी तरह नहीं कर पाऊँगी, लेकिन ईमानदारी से कोशिश करती रहूँगी। हैप्पी मदर्स डे सभी अद्भुत माताओं को।”
कलर्स के शो ‘लाफ्टर शेफ्स अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट’ से जुड़ी अंकिता लोखंडे ने कहा, “ज़िंदगी में कुछ आशीर्वाद दोगुने मिलते हैं और मेरे लिए वह आशीर्वाद है दो माताओं का प्यार। एक जिन्होंने मुझे जन्म दिया और दूसरी – मेरी सास, जिन्होंने मुझे अपनी बेटी की तरह अपनाया।
उन्होंने मुझे ताक़त, अपनापन और एक ऐसा घर दिया जो बिना शर्त प्यार से भरा हुआ है। हर दिन मैं दोनों के लिए बेहद आभारी महसूस करती हूँ उनकी दुआएँ मेरी सबसे बड़ी ताक़त हैं और उनकी खुशी ही मेरे लिए सबकुछ है। कितना अद्भुत है कि मुझे अपनी मां का आशीर्वाद और ‘लाफ्टर शेफ्स’ जैसा शो, जो मेरे दिल के बेहद करीब है, दोनों मिला। हैप्पी मदर्स डे मेरी दोनों मज़बूत स्तंभों को और उन सभी माताओं को जो बच्चों को शानदार तरीके से बड़ा कर रही हैं।”
‘मंगल लक्ष्मी’ में मंगल का किरदार निभा रहीं दीपिका सिंह ने कहा, “मातृत्व मेरी ज़िंदगी की सबसे बदल देने वाली यात्रा है जो हर दिन नए रूप में सामने आती है। एक अभिनेत्री के तौर पर मैंने कई किरदार निभाए हैं, लेकिन अपने बेटे सोहम की मां होना मेरे लिए सबसे बड़ा और सबसे अहम किरदार है। यह सचमुच ज़िंदगी का रोल है। सोहम मुझे हमेशा याद दिलाता है कि धीमे चलो और उन छोटे-छोटे पलों को संजोओ जो सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं। ‘मंगल लक्ष्मी’ में मां का किरदार निभाना मेरे लिए और भी व्यक्तिगत हो जाता है। कई बार बच्चों के साथ सीन करते हुए मुझे लगता है जैसे मैं सोहम के साथ हूँ। मैं उसे अक्सर कहती हूँ कि मैं उसे अपने ऑनस्क्रीन बच्चों में देखती हूँ और वह मुझे अपने आस-पास की मज़बूत और प्यार करने वाली महिलाओं में देखता है उसकी दादी, नानी, मासी, चाची और टीचर। सेट पर ऐसे दिन भी आते हैं जब मैं उसे बहुत मिस करती हूँ, लेकिन उसकी हंसी, वीडियो कॉल्स और छोटी-छोटी बातें मुझे तुरंत ऊर्जा देती हैं।
मैं चाहती हूँ कि वह मुझे एक वर्किंग मदर के रूप में जाने। जब बच्चे अपनी मां को काम करते देखते हैं तो उन्हें जल्दी समझ आता है कि महत्वाकांक्षा के लिए समर्पण चाहिए और एक महिला की पहचान कई पहलुओं वाली होती है। इस मदर्स डे पर मैं सिर्फ मां होने का नहीं, बल्कि हर उस महिला की ताक़त का जश्न मना रही हूँ जो प्यार करती है, संभालती है और सबकुछ खूबसूरती से संतुलित करती है।”
कलर्स के शो ‘महादेव एंड सन्स’ में विद्या का किरदार निभा रहीं स्नेहा वाघ ने कहा, “बचपन में मेरी मां ने घर को इतनी सहजता से संभाला कि मुझे बहुत देर से समझ आया कि इसमें कितनी मेहनत लगती है। जब मैं बाहर निकली, काम करना शुरू किया और घर से दूर रहने लगी, तब एहसास हुआ कि यह सब कितना कठिन होता है। हर बार जब मैं सुविधा से ज़्यादा दयालुता चुनती हूँ, मुझे पता है कि यह उनकी परवरिश है जो मेरे अंदर एक आदत की तरह बस गई है। ‘
महादेव एंड सन्स’ में विद्या का किरदार निभाना मुझे उनकी झलक दिखाने का मौका देता है। विद्या वही महिला है जो पूरे परिवार को जोड़कर रखती है, बिना किसी को एहसास हुए। वह ही घर की गर्माहट है, वह ही वह ताक़त है जिसके पास सब लौटकर आते हैं। मैंने ऐसी महिला को देखा है, मैं उनके साथ बड़ी हुई हूँ। यही वजह है कि यह किरदार मेरे दिल के बेहद करीब है। इस मदर्स डे पर मैं कोई बड़ी-बड़ी बातें नहीं कहना चाहती। बस इतना चाहती हूँ कि मेरी मां जानें कि मैं उन्हें शब्दों से कहीं ज़्यादा सराहती हूँ और जो भी हूँ, उन्हीं की वजह से हूँ। आई लव यू, मॉम।”

कलर्स के शो ‘तू जूलियट जट्ट दी’ में गुलाब का किरदार निभा रहीं संगीता घोष ने कहा, “अपनी बेटी देवी को पहली बार गोद में लेने से मेरी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल गई। उस पल को शब्दों में पूरी तरह बयां करना संभव नहीं है। तभी आपको हर उस मां की भावनाएँ समझ आती हैं जिसने अपने नन्हे बच्चे को प्यार किया है। इस एहसास ने मुझे मां का किरदार निभाने का बिल्कुल अलग नज़रिया दिया है। ‘तू जूलियट जट्ट दी’ में गुलाब एक ओवरप्रोटेक्टिव मां है, जिसका अपने बेटे नवाब के लिए प्यार बेहद गहरा और सर्वस्व है। लेकिन शो यह भी दिखाता है कि हर परिवार चुपचाप एक नाज़ुक रेखा से जूझता है – बच्चे को बचाने और उसे बढ़ने देने के बीच की रेखा। मां होने के नाते मैं उस प्यार को समझती हूँ, लेकिन साथ ही यह भी जानती हूँ कि बच्चे को सिर्फ प्यार ही नहीं, बल्कि आज़ादी भी देना ज़रूरी है।
इस मदर्स डे पर मैं हर उस मां का जश्न मनाना चाहती हूँ जो अपने बच्चे को खुला छोड़ने का साहस रखती है, भले ही दिल कहे कि कसकर पकड़ लो। मेरे लिए यही सबसे बहादुर प्यार है। हैप्पी मदर्स डे।”

