भोपाल। राजधानी के बाजारों में फूलों की बहार है। इस बार बीते सालों की अपेक्षा दाम कम है। गेंदा के फूल 50 से 70 रुपए प्रति किलो तो कमल का फूल मिल रहा 50 रुपए का बिक रहा है। लोग अपने घरों व प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए भारी मात्रा में फूलों की भी खरीदारी कर रहे हैं। फूल विक्रेता अनिल ने बताया कि इस बार फूलों की बंपर पैदावार से दाम कम है। बीते साल की तुलना में गेंदा फूल के दाम आधे है। पिछले वर्ष गेंदा के फूलों का भाव 100 रुपए प्रतिकिलो के पार बिका था जो इस बार  50 से 70 रुपए तक वैरायटी के हिसाब से बिक रहा है। 


 - खरीददारी का खुमार, बढ़ी मिठाई की मिठास   
 दीपोत्सव की उमंग को लेकर भोपाल में बाजार सजे हुए है। दिवाली पर मिठाई और ड्राई फ्रूडट्स उपहार के रूप में भी भेंट देने के लिए दुकानों में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। मिठाई कारोबारियों ने स्वाद के साथ लोगों की सेहत का भी ख्याल रखने का प्रयास किया है। इस बार दुकानदारों ड्राईफ्रूट बाइट के नाम से मेवों वाली मिठाई के अलावा विभिन्न रेंजों वाली मिठाईयां तैयार की गई है।  


  - सजें बाजार, दीपक, झाड़ू, मोरपंख की बिक्री 
   दीपक, झाड़ू और मोरपंख कहने को तो छोटे-छोटे व्यवसाय हैं, लेकिन दीपावली का पर्व आते ही इनकी बिक्री अचानक बढ़ गई है। दरअसल दीपावली पर इनकी विशेष मांग होती है और इनके बिना यह त्यौहार नहीं मनाया जाता। इसीलिए दीपपर्व पर प्रदेशभर में इनकी डिमांड काफी बढ़ जाती है, क्योंकि इनसे ही घरों में दीपावली मनती है। इन छोटे व्यवसाय करने वालों के लिए दीपावली सबसे व्यस्त व मुख्य सीजन होता है। इस दौरान ये पूरे साल के लिए एक मोटी रकम कम पाते हैं। व्यवसायियों के अनुसार प्रदेश में दीपक, खजूर की झाड़ू व मोरपंखी का लाखों रुपए का कारोबार होता है। 


 - कम्प्यूटर के बाद भी बही-खातों खरीदी बरकरार 
 दीपावली के दिन बही-खाता लिखने का काम आज भी व्यापारी उसी तरह करते हैं, जैसे सालों पहले किया जाता था। कम्प्यूटर,लेजर डायरी, बिल डायरी आने के बाद भी बही लिखने की परंपरा कायम है। जीएसटी सॉफ्टवेयर,लेजर डायरी व कम्प्यूटर के आने के बाद भी बही-खातों का खरीदारी सर्राफा, बर्तन व्यापारी, कपड़ा, अनाज सहित अन्य व्यापारियों में बरकरार है। भोपाल किराना व्यापारी एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ईश्वरदास संगतानी तथा श्री भोपाल सर्राफा एसोसिएशन के नवनीत अग्रवाल ने बताया खाता-बही में बसना को शुभ माना गया है, जिसे हम लाल स्याही से बही पर लिखते हैं। बाजार से इसका पूरा सेट ऑर्डर देकर बुलवाया है। एक से दो हजार रुपए में यह पूरी बही खरीदी गई है, जिसका दीपावली पर शुभ मुहूर्त पर पूजन किया जाएगा। 


- पूजा के लिए खील, बताशे,खिलौने  
राजधानी के हाट बाजारों, किराना दुकानों में लाई, खील -बताशों और खिलौनों की दुकानें सजी हुई है। आमदनी चाहे पूजा के लिए खील खिलौने जरूर खरीदता है। क्योंकि लक्ष्मीपूजन के बार आस-पड़ोस और मोहल्ले में खील, बताशे, खिलौने प्रसाद के रूप में बांटे जाते हैं। दीपोत्सव पर बाजारों की छाई रौनक के साथ साथ लोग खील, बताशे, खिलौने की खूब बिक्री हो रही है।