आईसीएआई भोपाल ने किया स्टार्टअप कन्वेंशन 2026 ‘द ट्रस्टेड ब्रिज’आयोजित 

 एवीएस न्यूज.भोपाल
द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की भोपाल ब्रांच ने गुरूवार को आईसीएआई भवन भोपाल में अपने बहुप्रतीक्षित स्टार्टअप कन्वेंशन 2026 द ट्रस्टेड ब्रिज  का सफलतापूर्वक समापन किया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम ने लोकल कैपिटल (स्थानीय पूंजी) को लोकल इनोवेशन (स्थानीय नवाचार) से जोड़ने के अपने वादे को पूरा किया। इस दौरान लाइव डील-मेकिंग, बेहतरीन नॉलेज शेयरिंग और क्षेत्र के शीर्ष वित्तीय और उद्यमशील माइंड्स के बीच शानदार नेटवर्किंग देखने को मिली। इस कन्वेंशन का मुख्य आकर्षण हाई-इंटेंसिटी पिच सेशन रहा, जिसमें क्षेत्र के 12 होनहार स्टार्टअप्स ने अपने बिजनेस मॉडल पेश किए। 


इन स्टार्टअप्स को फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स और इकोसिस्टम लीडर्स की एक प्रतिष्ठित जूरी ने परखा। जूरी पैनल में सीए रजनी जैन,  सीए अनिरुद्ध प्रताप सिंह, सीए नीलेश पाटीदार,  सीए मनोज अयाचित, सीए  अंकिता अग्रवाल शामिल थे। भोपाल के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी जीत के रूप में, दो स्टार्टअप्स ने जूरी सदस्यों से मौके पर ही  फंडिंग हासिल की। यह "लाइव ऑडिट" और सीए-समर्थित ड्यू डिलिजेंस फॉर्मेट की सफलता को साबित करता है। कार्यक्रम में इकोसिस्टम के निर्माण और लोकल स्टार्टअप्स और निवेशकों के बीच की दूरी को पाटने पर केंद्रित एक मजबूत पैनल डिस्कशन भी हुआ। इस स्ट्रैटेजिक डायलॉग में अर्थव्यवस्था के विभिन्न स्तंभों ने एक साथ आकर अपने दृष्टिकोण साझा किए।  वैभव भटनागर-सीए का दृष्टिकोण,  अरुणभ दुबे - सरकार का  दृष्टिकोण,  निधि चौहान - इनक्यूबेशन का  दृष्टिकोण, राहुल श्रीवास्तव  फाउंडर का दृष्टिकोण,  प्राची मदान - उद्योगपति और निवेशक का दृष्टिकोण और द इकोसिस्टम क्रॉनिकल्स: पावर टॉक्स पर पैनल डिस्कशन किया।  
 

विशेषज्ञों ने की बिजनेस को स्केल करने और अलग-अलग फंडिंग राउंड्स पर अपनी यात्रा साझा 
कार्यक्रम में  राजीव अग्रवाल ने अपनी अनूठी फर्स्ट  थ्योरी से दर्शकों को प्रेरित किया, जिसमें उन्होंने बताया कि शुरुआत " एफ फॉर फेयर (आग/जुनून) से होती है। अर्नव गुप्ता ने भोपाल से बिजनेस को स्केल करने और अलग-अलग फंडिंग राउंड्स में लाखों डॉलर जुटाने की अपनी यात्रा साझा की। रोनाल्ड फर्नांडिस ने इनक्यूबेशन सेंटर के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण इनसाइट्स दिए और संस्थापकों का मार्गदर्शन किया कि कैसे शुरुआत से ही सही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। डॉ. रमेश खरे ने अपने व्यक्तिगत एंजेल इन्वेस्टिंग अनुभवों को साझा किया और एक लोकल निवेशक की मानसिकता पर प्रकाश डाला। मयंक अग्रवाल ने स्टार्टअप इकोसिस्टम में चार्टर्ड अकाउंटेंट के दृष्टिकोण पर एक दमदार स्पीच दी।

उन्होंने स्टार्टअप कंप्लायंस (अनुपालन) के महत्व और सीए के लिए एक स्ट्रैटेजिक एडवाइजर के रूप में उभरते अवसरों के बारे में विस्तार से बताया। कुल मिलाकर  आईसीएआई भोपाल स्टार्टअप कन्वेंशन 2026 ने मध्य भारत में इकोसिस्टम इवेंट्स के लिए एक नया मानक स्थापित किया है और यह साबित किया है कि जब वित्तीय अनुशासन  लोकल इनोवेशन से मिलता है, तो पूरा क्षेत्र समृद्ध होता है।