स्वास्तिक प्रोडक्शंस अब बना स्वास्तिक स्टोरीज़
भोपाल । भारत के सबसे चर्चित पौराणिक और ऐतिहासिक टीवी शोज़ बनाने वाली स्वास्तिक प्रोडक्शंस ने आज अपने नए रूप स्वास्तिक स्टोरीज़ की घोषणा की। यह सिर्फ़ रीब्रांडिंग नहीं बल्कि भारत का पहला सांस्कृतिक स्टोरीटेलिंग इकोसिस्टम है, जिसकी शुरुआत इस दिवाली एक नए फ्री एड-सपोर्टेड स्ट्रीमिंग टीवी (FAST) चैनल और स्वास्तिक ऑरिजिनल्स के साथ होगी।
कंपनी के मुंबई मुख्यालय में पूर्व एमडी और सीईओ, सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया, एन.पी. सिंह ने अखंड दीप जलाकर इस पहल का प्रतीकात्मक शुभारंभ किया। यह दीप भारत की अनंत कहानियों की लौ को आगे बढ़ाने का प्रतीक है। स्वास्तिक स्टोरीज़ के संस्थापक और क्रिएटिव विज़नरी सिद्धार्थ कुमार तिवारी ने कहा, “पिछले 18 वर्षों से हमारी कहानियाँ सिर्फ़ शोज़ नहीं रहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगी का हिस्सा बन गईं।
स्वास्तिक स्टोरीज़ मेरे लिए एक नया दीया जलाने जैसा है। इस दिवाली से हम FAST चैनल और स्वास्तिक ऑरिजिनल्स के साथ शुरुआत करेंगे, लेकिन यह तो बस पहला कदम है। आगे चलकर स्वास्तिक स्टोरीज़ फिल्मों, मंच, डोम्स और भारतवर्स तक फैलेगा। इंडस्ट्री बदल सकती है, शो खत्म हो सकते हैं, लेकिन कहानियाँ हमेशा ज़िंदा रहनी चाहिए।” इस दिवाली स्वास्तिक स्टोरीज़ अपने सांस्कृतिक इकोसिस्टम की पहली झलक पेश करेगा। पहले चरण में डिजिटल पहुँच और सांस्कृतिक विस्तार पर ज़ोर होगा: FAST चैनल: मुफ्त 24/7 सांस्कृतिक चैनल, जिसमें स्वास्तिक के आइकॉनिक शोज़ होंगे, ताकि ये कहानियाँ और अधिक दर्शकों तक पहुँच सकें। स्वास्तिक ऑरिजिनल्स: डिजिटल-फर्स्ट प्रीमियम सीरीज़, जिन्हें भव्यता और आधुनिकता के संगम के साथ पेश किया जाएगा।
भारत की दिवाली से शुरू हुआ यह सफ़र महज़ शुरुआत है। स्वास्तिक स्टोरीज़ का विज़न एक स्क्रीन तक सीमित न रहकर कई माध्यमों तक फैलेगा:,फ़िल्में: महाकाव्य और भक्ति से जुड़ी कहानियों की भव्य सिनेमाई प्रस्तुतियाँ। स्टेज: बड़े स्तर के संगीतमय और इमर्सिव नाट्य रूपांतरण। डोम्स: प्लेनेटेरियम और डिजिटल डोम्स में तकनीक और कला के मेल से अनोखा अनुभव। भारतवर्स: इंटरैक्टिव स्टोरीटेलिंग और मेटावर्स का संगम—नई पीढ़ी के लिए भविष्यवादी कहानियाँ।
हर संवाद तीन मूल विचारों से जुड़ा होगा:
दीया — कहानियों की अनंत लौ का प्रतीक। FAST चैनल और स्वास्तिक ऑरिजिनल्स — जो तुरंत लॉन्च हो रहे हैं। आगे का विज़न — भारत का पहला सांस्कृतिक स्टोरीटेलिंग इकोसिस्टम बनाना। स्वास्तिक स्टोरीज़ सिर्फ़ 18 साल का सफ़र नहीं है, बल्कि अगले सौ सालों तक कहानियों की नई लौ जलाने का संकल्प है, एक ऐसा सांस्कृतिक संसार जहाँ भारत की हर कहानी को अपना घर मिलेगा।

