एवीएस न्यूज.भोपाल
 वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय ने जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी (जेएचयू), अमेरिका के सहयोग से हेल्थ-हैक 2026 का भव्य शुभारंभ किया। दो दिवसीय इस प्रतिष्ठित आयोजन का उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना और भविष्य की स्वास्थ्य तकनीकों के लिए प्रभावी समाधान तलाशना है। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के शिक्षाविद, शोधकर्ता और नवाचारकर्ता शामिल हुए।


कार्यक्रम का उद्घाटन वीआईटी के चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर वाइस प्रेसिडेंट शंकर विश्वनाथन, ट्रस्टी श्रीमती रमणी बालासुंदरम, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट श्रीमती कादंबरी एस. विश्वनाथन, प्रो वाइस चांसलर टी. बी. श्रीधरन और एक्टिंग रजिस्ट्रार केके नायर की गरिमामयी उपस्थिति रही। उद्घाटन समारोह में पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।

प्रो.वाइस चांसलर टीबी श्रीधरन ने कहा कि तकनीक आधारित समाधान वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। हेल्थ-हैक 2026 के संयोजक डॉ. सिद्धार्थ मैती ने बताया कि यह आयोजन अकादमिक जगत और उद्योग के बीच सेतु का कार्य करते हुए सार्थक स्वास्थ्य नवाचारों को प्रोत्साहित करता है।


कार्यक्रम में जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर बायोइंजीनियरिंग इनोवेशन एंड डिजाइन, व्हाइटिंग स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ.यूसुफ यज़दी तथा जेएचयू की एसोसिएट डीन (ग्लोबल पार्टनरशिप) डॉ. हेदी अलवाई ने मुख्य वक्तव्य दिए। उन्होंने वैश्विक स्तर पर सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में नवाचार की भूमिका पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अरुण बालकृष्णन, एडवाइजर टू सीईओ एवं चीफ इनोवेशन ऑफिसर, ओम्नीएक्टिव्स हेल्थ टेक्नोलॉजीज़, तथा अतिथि-विशेष डॉ. वीरेंद्र कुमार, संचालक तकनीकी शिक्षा, मध्य प्रदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और उद्योग-शिक्षा सहयोग के महत्व पर अपने विचार साझा किए।