फोनपे के इंडस ऐपस्टोर ने बनाई 10 करोड़ डिवाइस में अपनी जगह
नई दिल्ली। भारत के अपने एंड्रॉयड ऐप मार्केटप्लेस, इंडस ऐपस्टोर ने आज एक शानदार उपलब्धि की घोषणा की है – इसने 10 करोड़ से अधिक डिवाइस पर अपनी जगह बना ली है। इसकी सफलता का एक बड़ा कारण इसकी स्थानीय भाषा में होना है, जो यूजर्स को अंग्रेज़ी के साथ-साथ 12 भारतीय भाषाओं में भी ऐप्स खोजने की सुविधा देती है। इसकी सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसके 40% यूजर्स, ऐपस्टोर को किसी ना किसी क्षेत्रीय भाषा में उपयोग करते हैं, जिनमें हिंदी, मराठी, तमिल और गुजराती सबसे पॉपुलर हैं। यह आँकड़ा दर्शाता है कि भारत में भाषाओं का कितना महत्व है और लोग अपनी भाषा में ऐप्स को एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं।
यह ऐपस्टोर उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में काफी पॉपुलर है और साथ ही कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी इसकी लोकप्रियता काफी तेजी से बढ़ रही है।
इंडस ऐपस्टोर के लोकप्रिय होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण इंडिया की यंग पॉपुलेशन है। इस ऐपस्टोर पर Gen-Z (जिनकी उम्र 18-27 के बीच है) ऐप के यूजर बेस 33.7% है और इसे Gen-Y (जिनकी उम्र 27-44 के बीच है) के साथ जोड़ दें तो यह आँकड़ा 45 वर्ष के भीतर के यूजर बेस का लगभग 93.5 % है।
इंडस ऐपस्टोर के मुख्य यूजर, टियर 3 शहरों में रहने वाला 28 से 44 वर्ष का पुरुष वर्ग है। इसके 70.6% यूजर टियर 3 क्षेत्रों से आते हैं, जो ग्रामीण और छोटे शहरों में इसकी मजबूत पहुँच को दर्शाता है।
इंडस ऐपस्टोर पर कई तरह की ऐप कैटेगरीज़ हैं, जिसमें पूरे देश में सोशल मीडिया ऐप्स की लोकप्रियता नंबर 1 पर है। इनके ठीक बाद, कम्युनिकेशन, एंटरटेनमेंट और फाइनेंशियल ऐप्स का नंबर आता है।

