आत्माराम सोनी.भोपाल

 भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष के इस्तीफे की पेशकश के बाद राजधानी के व्यापारिक संगठनों और चेंबर के मेंबरों में हलचल मच गई है। व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों और चेंबर के वरिष्ठ सदस्य होने के साथ भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स के मुख्य सलाहकार रहे संदीप गोधा ने कहाकि चेंबर के महामंत्री ने  राजनीति की गोटियां खेलते हुए चेंबर के अध्यक्ष के इस्तीफे को मंजूर किया और सोमवार को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की घोषणा की।  जो कि पूरी तरह अनैतिक तो है ही साथ ही चेंबर के संविधान के खिलाफ भी है। 

षडयंत्र, राजनीति और गुटबाजी का शिकार बनाया
संदीप गोधा ने कहाकि चेंबर व्यापारियों की संस्था है और इस संस्था में राजनीतिक दखलंदाजी बर्दास्त नहीं होगी। चेंबर के अध्यक्ष पाली को षडयंत्र, राजनीति और गुटबाजी का शिकार बनाया गया है ।

चेंबर कार्यालय में उपस्थित नहीं होना राजनीति और षडयंत्र को उजागर करती है 

वहीं संगठन के प्रतिनिधियों ने  कहाकि किसी भी संस्था का निर्वाचन सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है और उसमें सभी पदाधकारी और कार्यकारिणी सदस्यों की सहभागिता निर्विघ्न, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की महत्वपूर्ण कड़ी होती है। लेकिन चिंता का विषय यह है कि चेंबर के अध्यक्ष के प्रति असहयोगात्मक रवैए, चेंबर कार्यालय में उपस्थित नहीं होना राजनीति और षडयंत्र को उजागर करती है।

शनिवार को हुई बैठक वह संवैधानिक नहीं

कहा जा रहा है कि महामंत्री आदित्य मनियां ने आनन-फानन में  बीते दिन जो बैठक आयोजित की वह पूर्णत: संवैधानिक नहीं है।  इतना ही नहीं बिन अध्यक्ष और मनोनीत सदस्यों को बुलाए इस्तीफे को स्वीकार करना निदंनीय है। व्यापार-जगत में यह कयास लगाने जा रहे कि बैठक में इस्तीफा मंजूर करना और कार्यकारी अध्यक्ष की घोषणा करने की बात करना अंदरूनी राजनीति और षडय़ंत्र का एक हिस्सा है।