एआई युग में लगातार सीखना ही सफलता की कुंजी: मंगल प्रभात लोढ़ा
  एआई के साथ कदमताल के लिए अपस्किलिंग-रीस्किलिंग जरूरी:  सीआईआई सम्मेलन


 एवीएस न्यूज..मुंबई 
कौशल युवाओं के लिए अवसर, आत्मविश्वास और गरिमा की नींव है। तकनीक और रोजगार की दुनिया तेजी से बदल रही है, ऐसे में युवाओं को लगातार नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करने के लिए अपस्किलिंग और रीस्किलिंग की संस्कृति विकसित करना समय की आवश्यकता है। यह बात महाराष्ट्र के कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने मुंबई में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) वेस्टर्न रिजन द्वारा बिल्डिंग वर्कफोर्स थ्रू अपस्किलिंग एंड रिस्किलिंग: द ह्यूमन एज इन एन एआई वर्ल्ड सम्मेलन में कही।

लोढ़ा ने कहा कि एक कुशल महाराष्ट्र ही विकसित महाराष्ट्र और विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगा। उन्होंने युवाओं को बदलती तकनीक के अनुरूप खुद को ढालने, नवाचार करने और नेतृत्व करने के लिए तैयार करने पर जोर दिया।

सम्मेलन में सरकार, उद्योग, मानव संसाधन क्षेत्र, कौशल विकास संस्थानों और अन्य विशेषज्ञों ने एआई आधारित अर्थव्यवस्था के लिए भविष्य के कार्यबल को तैयार करने पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने कहा कि एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच कंपनियों के लिए कर्मचारियों की नई क्षमताओं का विकास करना अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि व्यावसायिक आवश्यकता बन चुका है।

 


 

 महाराष्ट्र स्टेट इनोवेशन सोसाइटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीकांत पाटिल ने अपने विशेष संबोधन में कौशल, नवाचार, तकनीक, स्टार्टअप और उद्योग के बीच बढ़ते संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एआई आधारित दुनिया में कौशल और नवाचार को साथ-साथ आगे बढ़ाना होगा। सीआईआई महाराष्ट्र स्टेट की वाइस चेयरपर्सन एवं एक्सेंचर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर आरती कुचिभटला ने संगठनों से ऐसा कार्य वातावरण तैयार करने का आग्रह किया, जहां सीखना किसी अलग गतिविधि के बजाय काम करने के तरीके का स्वाभाविक हिस्सा बने।

सीआईआई महाराष्ट्र स्टेट स्किल डेवलपमेंट पैनल के संयोजक बॉबी कुरियाकोस ने कहा कि तकनीक और कारोबारी मॉडल में तेजी से हो रहे बदलावों के कारण अपस्किलिंग और रीस्किलिंग अब आर्थिक अनिवार्यता बन गए हैं।  सम्मेलन में वक्ता सीआईआई महाराष्ट्र स्टेट स्किल डेवलपमेंट पैनल के सह-संयोजक नीलेश खुलबे ने कार्यबल की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए उद्योग के नेतृत्व में ठोस पहल की आवश्यकता बताई।  

 


  पुनर्विकास के साथ ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट पर भी ध्यान दे :  वीर एस. अडवाणी 
सीआईआई रियल एस्टेट समिट में मुंबई के भविष्य के विकास को लेकर सीआईआई  वेस्टर्न रीजन के चेयरमैन वीर एस. अडवाणी ने कहा कि मुंबई की विकास यात्रा को केवल पुनर्विकास या ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट में से किसी एक विकल्प तक सीमित नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि हर निवेशित रुपये का उपयोग वहां किया जाए, जहां उससे सबसे अधिक आर्थिक और सामाजिक मूल्य पैदा हो। इसके लिए एकीकृत शहरी नियोजन, मजबूत कनेक्टिविटी, नीतिगत स्पष्टता और सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता जरूरी है।

अडवाणी ने कहा कि मुंबई को वर्ष 2030 की केवल संभावनाओं को समझने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे एक ऐसा शहर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा जो अधिक प्रतिस्पर्धी, रहने योग्य, टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार हो। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए सरकार, उद्योग और अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।