रिलायंस जियो आसमान में बिछाएगा सैटेलाइट्स का जाल
भारत के जंगलों और पहाड़ों पर भी मिलेगी सुपरफास्ट कनेक्टिविटी
एवीएस न्यूज. नई दिल्ली
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एजीएम में बोलते हुए रिलायंस जियो के एमडी आकाश अंबानी ने कहा कि रिलायंस जियो एक सॉवरेन लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन (पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किए जाने वाले उपग्रहों का जाल) डेवलप करने पर विचार कर रही है और साथ ही इस तरह की कैपेसिटी लीज पर लेने के लिए ग्लोबल सैटेलाइट ऑपरेटरों के साथ साझेदारी भी कर रही है। यह कदम सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के क्षेत्र में जियो की अब तक की सबसे बड़ी पहल है। इसका मकसद भारत के सबसे दूर-दराज और पिछड़े इलाकों तक कनेक्टिविटी पहुंचाना है।
आकाश अंबानी ने कहा कि जियो ने जमीन पर भारत को जोड़ा है। अब हमें आसमान से भारत को जोड़ना होगा। उन्होंने बताया कि दूर-दराज के गांव ओर द्वीपों पर रहने वाले लोग और सीमावर्ती चौकियां अभी भी जमीनी मोबाइल नेटवर्क की पहुंच से बाहर हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इसके लिए जियो दोहरी रणनीति अपनाएगी। कंपनी तेजी से सेवाएं शुरू करने के लिए पहले से मौजूद ग्लोबल सैटेलाइट नेटवर्क से सैटेलाइट क्षमता लीज पर लेगी। साथ लॉन्ग टर्म रणनीति के तहत अपना खुद का सैटेलाइट नेटवर्क बनाएगी। इस तरीके से कंपनी भारत की कनेक्टिविटी जरूरतों को तेजी से पूरा कर पाएगी और साथ ही एक ऐसा भारतीय सैटेलाइट ब्रॉडबैंड प्लेटफ़ॉर्म तैयार कर पाएगी जिसे दुनिया भर में फैलाया जा सके।
जियो आईपीओ को बोर्ड की मंजूरी, 27 करोड़ नए शेयर होंगे जारी
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के निदेशक मंडल ने कंपनी के आईपीओ को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड , बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में दाखिल करने का फैसला किया है। बाजार के जानकारों की माने तो यह आईपीओ इंडियन शेयर मार्केट के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बनने जा रहा है। आईपीओ के तहत 10 रुपए अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। शेयरों का अंतिम निर्गम मूल्य ) बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए तय किया जाएगा।

एजीएम में मुकेश अंबानी ने किया बड़ा ऐलान
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना बैठक में चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने जियो आईपीओ की घोषणा करते हुए इसे कंपनी का इस साल का सबसे महत्वपूर्ण मूल्य-सृजन कार्यक्रम बताया। उन्होंने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की प्रस्तावित लिस्टिंग भारत की तकनीकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगी।

वर्ष 2030 तक 1 लाख करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य: ईशा अंबानी
ईशा अंबानी ने रिलायंस के एफएमसीजी कारोबार के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करते हुए कहा है किरिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड का उद्देश्य वित्त वर्ष 2030 तक 1 लाख करोड़ के राजस्व तक पहुंचना है। ईशा अंबानी ने बताया कि आरसीपीएल ने वित्त वर्ष 2026 में 22,000 करोड़ रुपए का सकल राजस्व हासिल किया।
कंपनी के अनुसार, जिस स्तर तक पहुंचने में कई कंपनियों को दशकों का समय लगा, उसे आरसीपीएल ने महज चार वर्षों में हासिल कर लिया। वर्तमान में कंपनी के उत्पाद निर्यात और फ्रेंचाइजी बिक्री के माध्यम से 40 से अधिक देशों में उपलब्ध हैं। जियोमार्ट वर्तमान में 3,100 से अधिक स्टोर्स के माध्यम से 1,200 से ज्यादा शहरों और 5,100 से अधिक पिनकोड क्षेत्रों में सेवाएं दे रहा है।

रिलायंस की कमाई में दिखेगा न्यू एनर्जी कारोबार का असर: अनंत अंबानी
अनंत अंबानी ने कहा है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का न्यू एनर्जी कारोबार कंपनी की अगली बड़ी विकास यात्रा का प्रमुख आधार बनने जा रहा है। कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक में उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी बिजनेस रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू कर देगा।
अनंत अंबानी ने बताया कि रिलायंस ने ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ 3 अरब डॉलर का दीर्घकालिक समझौता किया है। कंपनी के अनुसार यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया ऑफटेक समझौतों में से एक है, जो उसके ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक क्षमता को दर्शाता है। रिलायंस का 5,000 एकड़ में फैला धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स अब दुनिया के सबसे एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा विनिर्माण परिसरों में शामिल हो चुका है।
भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है जियो इश्यू
बाजार के जानकारों का मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम साबित हो सकता है। कंपनी का संभावित मूल्यांकन 130 अरब डॉलर से 180 अरब डॉलर के बीच हो सकता है। वहीं आईपीओ का आकार करीब 4 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि कंपनी ने अभी इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।






