नेटफ्लि इंडिया की कहानियों को संगीत ने दी नई जिंदगी ‘चमकीला’ से ‘मिसमैच्ड’ तक गानों ने बनाया अलग मुकाम
एवीएस न्यूज . नई दिल्ली
फिल्मों और वेब सीरीज की कहानियां अक्सर अपने किरदारों और यादगार दृश्यों के कारण दर्शकों के जेहन में बस जाती हैं, लेकिन कई बार इन कहानियों को लंबे समय तक जीवित रखने का काम उनका संगीत करता है। नेटफ्लिक्स इंडिया की कई चर्चित कहानियों में संगीत कहानी की भावनाओं को पर्दे से बाहर निकालकर दर्शकों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है।‘अमर सिंह चमकीला’, ‘क़ला’ और ‘मिसमैच्ड’ जैसी प्रस्तुतियों में संगीत ने न केवल कहानी को आगे बढ़ाया, बल्कि रिलीज के बाद भी अलग पहचान बनाई। इनके गाने सोशल मीडिया, म्यूजिक प्लेटफॉर्म और प्लेलिस्ट का हिस्सा बने और करोड़ों-अरबों स्ट्रीम्स हासिल कर चुके हैं।
‘अमर सिंह चमकीला’ में संगीत बना कहानी की धडक़न
‘अमर सिंह चमकीला’ में संगीत को कहानी का अहम हिस्सा बनाया गया। फिल्म में चमकीला के लोकप्रिय मूल गीतों को सेट पर लाइव दोबारा तैयार किया गया। दिलजीत दोसांझ और परिणीति चोपड़ा ने पंजाबी संगीतकारों के साथ अखाड़ों में लाइव परफॉर्म किया और पारंपरिक वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल किया।ए. आर. रहमान के संगीत ने फिल्म की दुनिया को आधुनिक ध्वनि दी। वहीं बैकग्राउंड स्कोर में हारमोनियम, तुंबी, ढोलक, ढोल, ऊद, साज और अलगोजा जैसे वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल किया गया। इससे फिल्म का संगीत पंजाब की मिट्टी और चमकीला की जिंदगी से गहराई से जुड़ा महसूस हुआ।
‘क़ला’ के संगीत ने पार की अरबों स्ट्रीम्स
‘क़ला’ में संगीत ने दर्शकों को पुराने दौर की यादों से जोडऩे का काम किया। संगीतकार अमित त्रिवेदी ने फिल्म के समयकाल की सादगी और भावनात्मकता को ध्यान में रखते हुए संगीत तैयार किया। फिल्म के साउंडट्रैक को अब तक करीब 2.5 अरब स्ट्रीम्स मिलने का दावा किया गया है। इसमें ‘घोड़े पे सवार’ खास तौर पर लोकप्रिय रहा और इसके 14.5 करोड़ से ज्यादा स्ट्रीम्स हो चुके हैं।
‘मिसमैच्ड’ के गानों ने भी बनाया रिकॉर्ड
‘मिसमैच्ड’ में भी संगीत ने अलग-अलग पीढय़िों और संगीत शैलियों के बीच पुल बनाने का काम किया। सिकफ्लिप का ‘मेहमान’ राजस्थानी लोक संगीत को आधुनिक साउंडस्केप के साथ पेश करता है। वहीं ‘ऐसे क्यों’, जिसे अनुराग सैकिया ने तैयार किया और रेखा भारद्वाज ने आवाज दी, गजल की आत्मीयता को नई पीढ़ी तक पहुंचाता है। इस सीरीज के साउंडट्रैक को विभिन्न प्लेटफॉर्म पर 7.9 अरब से ज्यादा स्ट्रीम्स मिलने की बात कही गई है। ‘मेहमान’ अकेले 5 अरब से ज्यादा स्ट्रीम्स पार कर चुका है, जबकि ‘ऐसे क्यों’ को 1 अरब से अधिक स्ट्रीम्स मिले हैं।
- मुसाफिऱ कैफ़े’ में भी संगीत का सिलसिला जारी
नेटफ्लिक्स की हालिया रिलीज ‘मुसाफऱि कैफ़े’ में भी कहानी के भावनात्मक पक्ष को संगीत के जरिए मजबूत किया गया है। इसके एल्बम में ‘दरमियाँ’, ‘रोज़ाना’ और ‘काफी है ना’ जैसे गीत शामिल हैं। रेखा भारद्वाज, राघव कौशिक, जोनिता गांधी, प्रियांश श्रीवास्तव और गर्वित सोनी जैसे कलाकारों की आवाजों ने इन गीतों को स्वर दिया है।
पर्दे से निकलकर प्लेलिस्ट तक पहुंचा संगीत
नेटफ्लिक्स इंडिया की इन प्रस्तुतियों से यह साफ दिखाई देता है कि आज किसी फिल्म या सीरीज का संगीत केवल कहानी का बैकग्राउंड नहीं रह गया है। लोकप्रिय गाने सोशल मीडिया ट्रेंड, म्यूजिक प्लेलिस्ट और रोजमर्रा की सुनने की आदतों का हिस्सा बनकर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। यही वजह है कि दर्शक कई बार किसी फिल्म के पूरे दृश्य याद न रखते हुए भी उसका कोई गीत सुनते ही पूरी कहानी और उससे जुड़ी भावनाओं को दोबारा महसूस करने लगते हैं। ‘अमर सिंह चमकीला’ से ‘क़ला’ और ‘मिसमैच्ड’ तक नेटफ्लिक्स इंडिया की कहानियों का संगीत इसी भावनात्मक जुड़ाव की मिसाल बनता नजर आ रहा है।


