आईएमसी 2026 में 100 से अधिक देशों के प्रतिभागी एवं जीएसएमए के साथ गहरा गठबंधन  

 एवीएस न्यूज. नई दिल्ली 
एमडब्लूसी बार्सीलोना में विश्व मंच पर भारत सरकार के माननीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने नई दिल्ली में 7 से 10 अक्टूबर, 2026 तक होने वाले एशिया के सबसे बड़े डिजिटल टेक्नोलॉजी फोरम इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2026 की आज घोषणा की।

भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग और सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) द्वारा आयोजित आईएमसी 2026 में 100 से अधिक देशों से नीति निर्माता, उद्योगपति, वैश्विक उपक्रम, स्टार्टअप्स और निवेशक शामिल होंगे। गहरे गठबंधन के तहत जीएसएमए बोर्ड अपनी वैश्विक विशेषज्ञता का लाभ देते हुए और इस फोरम की वैश्विक पहुंच मजबूत करते हुए आईएमसी 2026 में प्रतिभाग करेगा।

आईएमसी और जीएसएमए ने आज एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किया जो आईएमसी 2026 की वैश्विक पैठ बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय उद्योग का प्रतिभाग मजबूत करने और उभरती वैश्विक दूरसंचार प्राथमिकताओं के साथ नीति और प्रौद्योगिकी संवाद को आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक गठबंधन प्रगाढ़ करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

यह साझीदारी वैश्विक सीईओ और बोर्ड स्तर की भागीदारी सुगम बनाते हुए उच्च स्तरीय नेतृत्व को जोडऩे पर केंद्रित होगी, जिससे सीमा पार ज्ञान का आदान प्रदान हो और अगली पीढ़ी के दूरसंचार, डिजिटल ढांचा और कनेक्टिविटी की रूपरेखा को आकार देने में भारत की भूमिका बढ़ सके। 
मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा, "विश्व में भारत दूसरा सबसे बड़ा दूरसंचार बाजार है जो 1.2 अरब नागरिकों को जोड़ रहा है और जहां विश्व में सबसे तेजी से 5जी लागू किया गया है और 10 वर्षों में औसत मोबाइल डेटा खपत करीब 400 गुना बढ़ी है। भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिसने अपना स्वयं का देशज, क्लाउड नेटिव 4जी स्टैक विकसित किया है, 5जी की ओर अपग्रेड करने योग्य है। इससे हम ना केवल एडवांस्ड नेटवर्क के यूजर्स के तौर पर बल्कि इनके निर्माता के तौर पर भी स्थापित हुए हैं।

यह दूरसंचार उत्पादों, प्लेटफॉर्मों और सॉल्यूशंस के लिए एक विश्वसनीय स्रोत के तौर पर और नवप्रवर्तन और एक ग्लोबल एआई एवं डीप-टेक स्थल के लिए एक वृद्धि के आधार के रूप में विश्व के लिए एक टेक्नोलॉजी साझीदार के तौर पर उभर रहा है। जैसा कि भारत ने दूरसंचार परिवर्तन का एक दशक पूरा किया है, इंडिया मोबाइल कांग्रेस भी 10वें संस्करण में प्रवेश कर रहा है जहां वैश्विक लांचिंग, स्टार्टअप खोज, साझीदारी और उद्योग एवं सरकार के बीच गठबंधन देखने को मिलेगा।   
इस वर्ष के संस्करण का लक्ष्य कनेक्टिविटी (5जी एवं 6जी), एआई, सेमीकंडक्टर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, सैटेलाइट संचार, डीप टेक, क्लीन टेक, स्मार्ट मोबिलिटी, इंडस्ट्री 4.0 और एंटरप्राइस ट्रांसफॉर्मेशन में यूज केसेस एवं नवप्रवर्तन प्रदर्शित कर अपनी स्थिति और मजबूत करना है।

 जीएसएमए के एशिया प्रशांत प्रमुख जूलियन गोरमैन ने कहाकि भारत ने ना केवल 5जी लागू करने की व्यापकता और गति के जरिए, बल्कि 6जी, एआई और डिजिटल नवप्रवर्तन में अपनी महत्वाकांक्षा के जरिए स्वयं को एक वैश्विक दूरसंचार नेता के तौर पर मजबूती से स्थापित किया है।  
सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के चेयरमैन अभिजीत किशोर ने कहा कि वर्ष 2017 में अपनी शुरुआत से ही इंडिया मोबाइल कांग्रेस ने राष्ट्र निर्माण में टेक्नोलॉजी एवं कनेक्टिविटी की महत्वपूर्ण भूमिका रेखांकित करते हुए संवाद, गठबंधन और कार्य के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के तौर पर काम किया है। इन वर्षों में इसका आकार और व्यापकता काफी बढ़ी है और यह ज्ञान के आदान प्रदान और चिंतनशील नेतृत्व के लिए एक सक्रिय मंच बन गया है।

आईएमसी आज एशिया में सबसे बड़े डिजिटल टेक्नोलॉजी फोरम के रूप में खड़ा है और जीएसएमए के साथ रणनीतिक साझीदारी इस वर्ष के संस्करण के लिए एक बड़ी छलांग का प्रतिनिधित्व भी करती है।