मप्र सहित देशभर के ट्रांसपोर्टरों का यात्री बसों में माल,पार्सल परिवहन को वैध वाली राजपत्र अधिसूचना का कड़ा विरोध
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट का प्रतिनिधिमंडल 25 फरवरी को रखेंगे भोपाल में अवर सचिव परिवहन विभाग के समक्ष अपना पक्ष
एवीएस न्यूज.भोपाल
राजधानी भोपाल, इंदौर सहित समूचे मध्यप्रदेश के साथ देशभर के ट्रांसपोर्टरों ने यात्री बसों में माल और पार्सल परिवहन को वैध बनाने वाली राजपत्र अधिसूचना का कड़ा विरोध किया है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि मध्यप्रदेश शासन के परिवहन विभाग का यह निर्णय न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह माल परिवहन व्यवसाय को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा और इससे बसों में अधिक भीड़भाड़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे समर्पित कूरियर और ट्रक ऑपरेटरों का व्यवसाय प्रभावित होगा। ट्रांसपोर्टर चाहते हैं कि यह नीति वापस ली जाए या इसे कड़े नियमों के अधीन किया जाए।
गौरतलब है कि संदर्भित विषय और जारी राजपत्र अधिसूचना पर आपत्ति जताने के बुधवार को ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट का एक प्रतिनिधि मंडल मध्यप्रदेश परिवहन विभाग के अवर सचिव सुश्री आयुषी जैन से भेंट करेंगा।

आरटीओ एड ट्रैफिक कमेटी चेयरमेन सीएल मुकाती ने बताया कि मध्यप्रदेश सहित देशभर के संगठन प्रतिनिधि बुधवार कोवल्लभ भवन भोपाल पहुंचेंगे और अवर सचिव परिवहन विभाग से भेंट कर इस नई परिवहन नीति पर आपत्ति दर्ज कराएंगे। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश सभरवाल, आरटीओ एंड ट्रैफिक कमेटी चेयरमैन सीएल मुकाती, पूर्व एआईएमटीसी वेस्ट जोन उपाध्यक्ष विजय कालरा, चेयरमैन राजेंद्र त्रैहान, इंदौर ट्रक ऑपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष अमरजीत सिंह बग्गा, हरीश डाबर मैनेजिंग कमेटी मेंबर एआईएमटीसी आदि मौजूद होंगे।
परिवहन विभाग ने 24 दिसंबर 2025 को जारी किया राजपत्र
सीएल मुकाती ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा जारी राजपत्र सूचना क्रमांक 1/2/1/0002/2025-Sec-1-08 (टीआरपी ) 24 दिसंबर 2025 को यात्री बसों में माल/पार्सल परिवहन को वैध किए जाने का प्रस्ताव प्रकाशित किया गया है। उक्त प्रस्ताव के संबंध में हमारी संस्था द्वारा पूर्व में विधिवत आपत्ति प्रस्तुत की जा चुकी है, जिस पर हमें अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि यात्री बसों का मूल उद्देश्य यात्रियों का सुरक्षित, सुगम एवं आरामदायक परिवहन सुनिश्चित करना है।
यदि बसों में माल, पार्सल परिवहन को वैध गया तो ये गंभीर समस्याएं होगी उत्पन्न
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट के प्रतिनिधियों ने कहाकि यदि यात्री बसों में माल, पार्सल परिवन को वैध किया तो यात्रियों की सुरक्षा एवं उनके यात्रा आराम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। बसों में माल/पार्सल लादे जाने से ओवरलोडिंग एवं वजन नियंत्रण से संबंधित गंभीर समस्याएं उत्पन्न होंगी। ट्रक एवं मालवाहक परिवहन व्यवसाय पर प्रतिकूल आर्थिक प्रभाव पड़ेगा, जिससे संगठित परिवहन व्यवस्था प्रभावित होगी। अवैध एवं असंगठित व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों एवं मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार यात्री बसों में व्यावसायिक माल का परिवहन नियम विरुद्ध है, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करता है। यात्री बसों की बॉडी संरचना माल परिवहन के अनुरूप नहीं होती, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों को मिलने वाले बीमा सुरक्षा कवरेज में गंभीर व्यावहारिक एवं कानूनी समस्याएं उत्पन्न होंगी। यात्री बसों के माध्यम से माल, पार्सल परिवहन की अनुमति दिए जाने पर जीएसटी ई-वे बिल की जांच एवं कर अनुपालन की प्रभावी निगरानी अत्यंत कठिन हो जाएगी। इससे बिना वैध ई-वे बिल माल परिवहन, गलत घोषणाएं एवं कर चोरी की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिसके परिणामस्वरूप राज्य एवं केंद्र सरकार को राजस्व की प्रत्यक्ष हानि होगी।
प्रदेश में सुरक्षित, सुव्यवस्थित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग
संगठन के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश शासन-प्रशासन से मांग की है कि जनहित में यात्री सुरक्षा तथा परिवहन व्यवस्था की समग्र संरचना को दृष्टिगत रखते हुए उक्त प्रस्ताव पर पुनर्विचार करें और जारी अधिसूचना को निरस्त करें। साथ ही इस विषय में सभी संबंधित परिवहन संगठनों से व्यापक चर्चा कर एक संतुलित, सुरक्षित एवं न्यायसंगत निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहाकि कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में प्रदेश में सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं नियमवद्ध परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

