आरएसएस के राष्ट्र-निर्माण में दिए गए योगदान पर चिंतन एवं विमर्श

एवीएस न्यूज, भोपाल। ओरिएंटल विश्वविद्यालय, इंदौर द्वाराराष्ट्रीय निर्माण के 100 वर्षसंघ यात्राशीर्षक से एक विशेष शैक्षणिक एवं प्रेरणादायक सत्र का सफल आयोजन किया गया। यह सत्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के राष्ट्र-निर्माण में दिए गए योगदान पर चिंतन एवं विमर्श के लिए समर्पित था। कार्यक्रम का आयोजन जनवरी 2026 में विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित पदाधिकारियों, शिक्षाविदों तथा विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जो ज्ञान, प्रबोधन एवं राष्ट्रीय मूल्यों का प्रतीक है। इस अवसर पर चांसलर प्रवीण ठाकराल, प्रो-चांसलर गौरव ठाकराल एवं प्रो. (डॉ.) ध्रुव घई, मुख्य प्रबंध निदेशक प्रो. (डॉ.) गरिमा घई, वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) अमोल गोरे, निदेशक (विधि संकाय) सोनिया ठाकराल, डिप्टी रजिस्ट्रार अजयेन्द्र नाथ सहित विश्वविद्यालय के समस्त अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रवीण गुप्त, क्षेत्र सम्पर्क प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रहे। कार्यक्रम की शोभा सागर चौकसे, सम्पर्क विभाग प्रमुख, आरएसएस इंदौर, तथा डॉ. दिव्या गुप्ता, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की पूर्व सदस्य उपस्थिति रहे।

 

अतिथियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया

भारतीय परंपरा एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को दृष्टिगत रखते हुए, अतिथियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया, जो सतत विकास एवं प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक है। अपने मुख्य उद्बोधन में प्रवीण गुप्त ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षीय यात्रा पर प्रकाश डालते हुए चरित्र निर्माण, अनुशासन, सेवा-भाव तथा राष्ट्र-निर्माण में संघ की भूमिका को रेखांकित किया। उनके प्रेरणादायी विचारों एवं संगठनात्मक जीवन यात्रा ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को विशेष रूप से प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सभी अतिथियों, विश्वविद्यालय प्रशासन, आयोजन समिति एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

 

राष्ट्रगान के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

यह सत्र ओरिएंटल विश्वविद्यालय, इंदौर की समग्र शिक्षा, मूल्य-आधारित अधिगम तथा राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिकों के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करता है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया, जिससे उपस्थित सभी जनों में एकता एवं राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार हुआ।