एवीएस न्यूज. इंदौर
 शक्ति पंप्स (इंडिया) लिमिटेड (एसपीआईएल) ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया। लंबे मानसून और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों जैसी चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने अपने इतिहास की सबसे अधिक तिमाही आय में से एक हासिल की।


वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में कुल आय 666.4 करोड़ रुपये दर्ज की, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 5% ज़्यादा है। पहली छमाही में कंपनी की कुल आय 1288.9 करोड़ रुपये रही, जिसमें 7.2% की वार्षिक वृद्धि दर्ज हुई। इस तिमाही में कंपनी का ईबीआईटीडीए (EBITDA) 136 करोड़ रुपये रहा, जबकि मार्जिन 20.4% पर रहा। कॉपर, स्टील और सोलर पैनल की कीमतों में 3–4% बढ़ोतरी का असर मुनाफे पर पड़ा। कर पश्चात लाभ (PAT) दूसरी तिमाही में 90.7 करोड़ रुपये और पहली छमाही में 187.5 करोड़ रुपये रहा।


परिचालन मुख्य पहलू
कंपनी के सोलर पंप इंस्टॉलेशन का प्रदर्शन मजबूत रहा। दूसरी तिमाही में 22,304 यूनिट और पहली छमाही में 39,861 यूनिट लगाए गए, जो क्रमशः 21% और 19% की वृद्धि दर्शाते हैं। हालांकि यह संख्या और अधिक हो सकती थी, लेकिन प्रमुख बाज़ारों में लंबी चली बारिश और जीएसटी 2.0 ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया के कारण कार्यान्वयन की रफ्तार कुछ धीमी रही।


निर्यात कारोबार ने भी अपनी रफ्तार बनाए रखी। दूसरी तिमाही में 102.9 करोड़ रुपये और पहली छमाही में 200 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई। हाइती, युगांडा, बांग्लादेश, नेपाल, मध्य पूर्व और अमेरिका जैसे बाज़ारों से लगातार मांग ने इस वृद्धि को सहारा दिया।  उभरते कारोबारी क्षेत्रों का प्रदर्शन भी सकारात्मक रहा। नकद बिक्री साल-दर-साल 67% बढ़कर 42.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जिसका सहारा देशभर में मौजूद 100 से अधिक एक्सक्लूसिव आउटलेट्स ने दिया। सोलर रूफटॉप सेगमेंट ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में विस्तार किया, जहाँ शुरुआती प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही।


30 सितंबर 2025 तक कंपनी को मिलने वाली राशि 1,639 करोड़ रुपये रही, जिनमें से 44% रकम की अदायगी की तारीख अभी नहीं आई थी। अनुमान है कि मानसून के बाद इंस्टॉलेशन की गति बढ़ने से साल के अंत तक भुगतान चक्र सामान्य हो जाएगा। 7 नवंबर 2025 तक कंपनी के ऑर्डर बुक का आकार 1,300 करोड़ रुपये रहा, जिसमें महाराष्ट्र से प्राप्त बड़े ऑर्डर और कई प्रमुख राज्यों में सक्रिय बिडिंग पाइपलाइन शामिल हैं।
 दिनेश पाटीदार, चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ने कहा, “लंबे चले मानसून और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के बावजूद हमने अपने इतिहास की सबसे अधिक तिमाही आय में से एक दर्ज की है। महाराष्ट्र से ऑर्डर इनफ्लो सबसे अधिक रहा, जबकि अन्य राज्यों में भी हमारी पाइपलाइन मज़बूत बनी हुई है। सोलर रूफटॉप कारोबार तेज़ी से बढ़ रहा है और नए सेगमेंट्स में भी उत्साहजनक वृद्धि दिख रही है। मज़बूत कार्यान्वयन क्षमता, विविध ऑर्डर पाइपलाइन और रणनीतिक निवेशों के बल पर हमें विश्वास है कि हम वित्त वर्ष 2026 के अपने लक्ष्यों को पूरा करेंगे और लंबे समय तक स्थिर विकास बनाए रखेंगे।”