ट्रांसपोर्ट संगठन ने किया भारत -अमेरिका के ऐतिहासिक डील का स्वागत- भारत–अमेरिका डील: परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए नए युग की शुरुआत
एवीएस न्यूज..भोपाल
भारत और अमेरिका के बीच संपन्न हुई ऐतिहासिक डील का सबसे बड़ा और सकारात्मक प्रभाव परिवहन, लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई-चेन सेक्टर पर देखने को मिलेगा। यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ देश के ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स व्यापार को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। यह बात ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कही।
कपूर ने कहाकि भारत-अमेरिका व्यापार बढ़ने से एक्सपोर्ट-इंपोर्ट कार्गो में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसका सीधा लाभ सड़क परिवहन, कंटेनर ट्रकिंग, वेयरहाउसिंग और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स को मिलेगा। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के अवसर बढ़ेगें। आधुनिक वेयरहाउस, लॉजिस्टिक पार्क, आईसीडी और सीएफएस विकसित होंगे। कोल्ड-चेन, फार्मा और हाई-वैल्यू कार्गो के लिए विशेष ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत होगा। इससे ट्रांसपोर्ट सेक्टर असंगठित से संगठित दिशा में आगे बढ़ेगा।
ट्रांसपोर्ट लागत में कमी, प्रतिस्पर्धा में बढ़त
उन्होंने कहाकि इस समझौते से बेहतर टेक्नोलॉजी, डिजिटलीकरण और वैश्विक प्रैक्टिस अपनाने से दिशा में लोगों का जोर होगा, जिससे टर्न-अराउंड टाइम घटेगा, ईंधन की बचत होगी, लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के करीब आएगी। जिससे भारतीय उत्पाद और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
कार्गो मूवमेंट बढ़ने से ड्राइवरों और श्रमिकों के लिए नए अवसर
भारत-अमेरिका व्यापार बढ़ने से एक्सपोर्ट-इंपोर्ट कार्गो में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। ड्राइवरों, क्लीनर्स और लॉजिस्टिक्स वर्कर्स के लिए रोजगार बढ़ेगा। स्किल डेवलपमेंट, ट्रेनिंग और सुरक्षा मानकों में सुधार होगा] संगठित लॉजिस्टिक्स के चलते सामाजिक सुरक्षा और बेहतर कार्य-परिस्थितियां संभव होंगी । भारत-अमेरिका व्यापार बढ़ने से सड़क, रेल, बंदरगाह और एयर कार्गो के बीच बेहतर तालमेल बनेगा। इससे हाईवे ट्रांसपोर्ट को स्थिर और निरंतर माल मिलेगा,बंदरगाहों से अंदरूनी भारत तक लॉजिस्टिक्स चेन मजबूत होगी।
ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के मार्ग को किया प्रशस्त
राजेंद्र कपूर ने कहाकि यह दूरगामी उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व, आत्मविश्वास, संयम और साहसिक दृष्टिकोण का परिणाम है। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत के हितों को प्राथमिकता देते हुए ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी विकास की मुख्यधारा में लाने का मार्ग प्रशस्त किया है। देश का परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स व्यापार इस ऐतिहासिक डील का हार्दिक स्वागत करता है। क्योंकि यह डील न केवल व्यापार बढ़ाएगी, बल्कि भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में एक ठोस कदम सिद्ध होगी।

