एजीआर और रेवेन्यू शेयर में जियो अव्वल, 43 फीसदी हिस्सेदारी के साथ मजबूत बढ़त
एवीएस न्यूज .नई दिल्ली
टेलीकॉम सेक्टर परआईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और सीएलएसए की ताजा रिपोर्ट में रिलायंस जियो की बढ़त साफ तौर पर उभरकर सामने आई है। तीसरी तिमाही में इंडस्ट्री के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) और रेवेन्यू शेयर दोनों मोर्चों पर जियो ने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के मुताबिक तीसरी तिमाही में तीनो प्राइवेट प्लेयर्स यानी जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को मिलाकर, एजीआर 2.9 फीसदी तिमाही दर तिमाही और 8.9 फीसदी सालाना बढक़र 720 अरब रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान रिलायंस जियो काएजीआर 321 अरब रुपए रहा, जो 3.9 फीसदी तिमाही दर तिमाही और 11.2 फीसदी साल-दर-साल की वृद्धि दर्शाता है। इसके साथ जियो कीएजीआर बाजार हिस्सेदारी 43 फीसदी पर पहुंच गई है।
इसके मुकाबले भारती एयरटेल का एजीआर 299 अरब रुपये और बाजार हिस्सेदारी 39.9 फीसदी रही, जबकि वोडाफोन आइडिया 99 अरब रुपए एजीआर और 13 फीसदी के आसपास हिस्सेदारी पर सिमटी रही। रिपोर्ट के अनुसार, जियो ने तिमाही आधार पर 41 बेसिस प्वाइंट और सालाना आधार पर 114 बेसिस प्वाइंट बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई। सर्किल स्तर पर जियो को, 16 सर्किलों में एजीआर मार्केट शेयर में बढ़त मिली, खासकर गुजरात, यूपी ईस्ट, यूपी वेस्ट, कर्नाटक, नॉर्थ ईस्ट और हिमाचल जैसे क्षेत्रों में उसकी पकड़ मजबूत हुई।
मेट्रो मार्केट में भी दिल्ली, मुंबई और कोलकत्ता में जियो की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय इजाफा दर्ज किया गया। वहीं सीएलएसए की रिपोर्ट बताती है कि तीसरी तिमाही में जियो की रेवेन्यू शेयर 42.5 फीसदी रही, जो 47 बेसिस प्वाइंट की तिमाही बढ़त को दर्शाती है। बीते 12 महीनों में जियो और एयरटेल ने जहां बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई, वहीं वोडाफोन आइडिया को गिरावट का सामना करना पड़ा। मौजूदा आंकड़ों के आधार पर जियो का फोकस रेवेन्यू ग्रोथ, सर्किल-स्तरीय विस्तार और बाजार हिस्सेदारी मजबूत करने पर बना हुआ है, जो उसे प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिला रहा है।

