आत्माराम सोनी.भोपाल 


 राजधानी के व्यापारियों की शीर्ष संस्था भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले तेजकुलपाल सिंह पाली रूबरू हुआ। उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का कारण के बारे में कहाकि इसकी वजह टीम के जिम्मेदार पदाधिकारियों का असहयोगात्मक रवैया और षड़यंत्रकारी नीति रही है।  उन्होंने कहा कि  भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स की टीम अगर संपूर्ण रूप से सक्रिय होती तो आज राजधानी भोपाल के संपूर्ण व्यापारियों को व्यावसायिक  टैक्स का दंश नहीं झेलना पड़ता। क्यों कि संपूर्ण मध्यप्रदेश में भोपाल के ही व्यवसायियों को इस करारोपण का दंश झेलना पड़ रहा है।  

जो संकल्प मैने राजधानी के व्यापार जगत के व्यापारियों के हित में लिया था बाधक बन रहे थे 
तेजकुलपाल सिंह पाली ने बताया कि वे चेंबर के कुछ जिम्मेदार पदाधिकारियों की षड़यंत्रकारी नीतियों से क्षुब्ध हो गए थे। हकीकत बात तो यह है कि जो संकल्प मैने राजधानी के व्यापार जगत के व्यापारियों के हित में लिया था, उस संकल्प की पूर्ति के लिए मै अपने कर्तव्य का निर्वहन तो जिम्मेदारी कर रहा था लेकिन  महामंत्री, उपाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी और  सदस्यों की असहयोग और कार्यालय में उनकी अनुपस्थित मेरे संकल्पित कार्यप्रणाली में बाधा बन नहीं रही थी।

 कार्यालय में टीम की अनुपस्थित दर्शाती थी निक्रियता और असहयोगात्मक रवैया  
उन्होंने कहाकि चेंबर में तीन उपाध्यक्ष हैं, अरविन्द सुपारी शुरूआती साल को छोड़कर दूसरे वर्ष पूरे साल चेंबर नहीं आए। उपाध्यक्ष आकाश गोयल सिर्फ मीटिंग में ही आते थे। वे मुझसे शुरू से नाराज चल रहे थे, क्योंकि उनकी मंशा थी कि उनके छोटे भाई को चेंबर की टीम में बतौर संयोजित सदस्य नियुक्त किया जाए,  जिसे मैने नहीं किया। तीसरे उपाध्यक्ष सुनील जैन 501 की उपस्थित मीटिंग के अलावा कार्यालय में तो रहीं, संतोष जनक नहीं थी। महामंत्री आदित्य में मनयां अपने पद का दायित्व संभालने के बाद से अब तक  सिर्फ करीब 10 से बारह दफा ही चेंबर कार्यालय में अपनी उपस्थित दर्ज कराई। वहीं कोषाध्यक्ष कृष्णकुमार बांगड़ जिनके पास चेंबर के कोष का महत्वपूर्ण दायित्व था वह भी शुरूआती साल को छोड़कर बाकी के दो साल में वित्तीय, आर्थिक लेन-देन का कार्य ( जैसे चेक में हस्ताक्षर) अपने दुकान से ही करते थे।  मिटिंग को छोड़कर बाकी दिनों में भी उनकी अनुपस्थित रहती थी। 

चेंबर कार्यालय में रखा उपस्थित रजिस्टर गवाही देगा कि टीम का कौन पदाधिकारी और सदस्य कितने दिन चेंबर कार्यालय में पहुंचा 


उन्होंने  बताया कि भोपाल चेंबर कार्यालय में रखा उपस्थित रजिस्टर इस बात का गवाही देगा कि टीम का कौन पदाधिकारी और सदस्य कितने दिन चेंबर कार्यालय में पहुंचा। पाली ने कहाकि चेंबर का स्टॉप तक छूट्टी पर गया, लेकिन   मै  चेंबर कार्यालय में बराबर पहुंचा और उपस्थित दर्ज कराई। उन्होंने कहा इस पूरे परिदृश्य को देखते हुए मैं टीम के असहयोगात्मक रवैए से असंतुष्ट हो गया था और यह सब हुआ राजनीतक षड़यत्र के तहत। जबकि मुझे जिम्मेदारों के षड़यंत्र और इनके द्वारा लगाए जाने वाले दोषारोपण का पता मुझे चला तो मैने इस्तीफा देना मुनासिब समझा।

यह सब सोची, समझी साजिश के तहत हुआ

 मगर चेंबर की मौजूदा टीम ने इस्तीफे के संबंध में किसी प्रकार से कोई कारण नहीं पूछा और स्पष्टीकरण नहीं मांगा।  चेंबर के बायलॉज (संविधान) की खुले आम धज्जियां उड़ाई। जिस यह स्पष्ट रूप से उजागर कर रहा है कि यह सब सोची, समझी साजिश के तहत हुआ। ताकि कि मै मजबूर हो जाऊ और इस्तीफा दें दूं।